Ahoi Ashtami 2026 Puja Muhurat : कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अहोई अष्टमी का व्रत 1 नवंबर 2026, रविवार को रखा जाएगा। माताएं संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए यह निर्जला व्रत रखती हैं। इस वर्ष शाम की पूजा के लिए 1 घंटा 18 मिनट का सीमित समय मिलेगा। शाम 5:58 बजे तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोला जा सकेगा।
ahoi ashtami 2026 date and time : कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर माताओं द्वारा रखा जाने वाला अहोई अष्टमी का व्रत इस साल 1 नवंबर 2026, रविवार को रखा जाएगा। संतान की लंबी आयु, बेहतर स्वास्थ्य और जीवन में आने वाले संकटों को टालने के लिए महिलाएं पूरे दिन निर्जला या फलाहार रहकर यह कठिन साधना करती हैं। इस बार पूजा के लिए केवल 1 घंटा 18 मिनट की सीमित अवधि मिल रही है, इसलिए महिलाओं को समय रहते पूरी तैयारी करनी होगी।
अहोई अष्टमी कब है?
पंचांग गणना के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 1 नवंबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 51 मिनट से शुरू होगी। यह तिथि 2 नवंबर 2026 को दोपहर 1 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। शाम की पूजा और तारों को अर्घ्य देने की धार्मिक परंपरा के चलते यह पावन पर्व 1 नवंबर को ही मनाया जा रहा है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
शाम के समय अहोई माता की आराधना के लिए शुभ मुहूर्त 5 बजकर 36 मिनट से लेकर 6 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। पूजा की यह कुल अवधि केवल 1 घंटा 18 मिनट की होगी। व्रती महिलाओं को इस समय सीमा के भीतर विधि-विधान से पूजा और कथा संपन्न करनी होगी।
अर्घ्य का सही समय
शाम को तारों को देखकर अर्घ्य देने का समय लगभग 5 बजकर 58 मिनट पर शुरू होगा। वहीं जिन परिवारों में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलने का नियम है, उन्हें रात लगभग 11 बजकर 40 मिनट पर चंद्रोदय के बाद ही पारण का अवसर मिलेगा।
पूजा की संपूर्ण विधि
व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और संतान के कल्याण के लिए व्रत का संकल्प लें। घर की उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर गेरू से अहोई माता और उनके सात पुत्रों की आकृति उकेरें, अथवा बाजार से लाई गई तस्वीर चौकी पर स्थापित करें। पूजा चौकी पर जल से भरा कलश स्थापित करें और थाली में रोली, अक्षत, धूप, दीप, फूल तथा भोग के लिए हलवा-पूड़ी या पुए सजाएं।
शुभ मुहूर्त में घी का दीपक जलाकर अहोई अष्टमी की पावन कथा सुनें और अपने बच्चों के सुखी जीवन की प्रार्थना करें। शाम को आकाश में तारे दिखाई देते ही करवे से जल का अर्घ्य दें और फिर अन्न-जल ग्रहण कर व्रत पूर्ण करें। #AhoiAshtami #AhoiAshtami2026
डिस्क्लेमर: यह खबर धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। हरियाणा न्यूज पोस्ट इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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