Udham Singh Shayari in Hindi: जब भी भारत की आज़ादी की बात होती है, तो शहीद उधम सिंह का नाम गर्व से लिया जाता है। उन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेकर अंग्रेज़ हुकूमत को हिला दिया था।
उनकी शहादत और देशप्रेम आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे क्रांतिकारी के लिए लिखी गई शायरी सिर्फ शब्द नहीं होती, बल्कि देशभक्ति का एक एहसास होती है।
Udham Singh Shayari
हिम्मत और जूनून से कुछ बड़ा नहीं,
विदेशी भूमि पर जाकर वो वीर डरा नहीं,
डायर को दो गोलियां मारकर भी
वीर उधम सिंह का मन भरा नहीं।
जल रही थी
एक देशभक्त के हृदय में
ज्वालमुखी सी भयानक आग,
मौत का मंजर था देखा
देखा था जलियांवाला बाग़,
वीरों के बलिदानों को उसने देखा था
इसलिए पूरी ताकत झोक दी
लंदन में घुसकर डायर के
सीने में गोली ठोक दी.
कौन “डायर को
जब शासन ही हत्यारा था,
पर उस कायर डायर को
वीर उधम सिंह ने
लंदन में घुसकर मारा था.
अनाथ थे जीवन बड़ा ही कष्ट में बिताया,
पर मातृभूमि के लिए अपना हर फर्ज निभाया।
हमारे हृदय में उधम सिंह आज भी जिन्दा है,
देश के चंद गद्दारों को देखकर तोड़े शर्मिंदा है.
देशभक्त, भारत माँ का लाल उधम सिंह,
वीर था, साहसी था, प्रतापी था और था वो सिंह।
Shaheed Udham Singh Quotes in Hindi
बनकर जनरल डायर
छुप कर वार करेगा कोई कायर,
उसके घर में घुस कर मारेंगे
वीर उधम सिंह कहलायेंगे।
वो राक्षस जनरल डायर था जिसने,
जलियाँवाला नर संहार करवाया था,
तभी तो वीर उधम सिंह ने उसको
लंदन में जाकर मार गिराया था.
भारत माता का लाल,
देशभक्ति का मतवाला था,
वीर उधम सिंह ने तो प्रतिशोध
की एक ज्वाला को पाला था.
Udham Singh Status in Hindi
जालियाँवाला नरसंहार का दोषी जनरल डायर था,
उधम सिंह की अटूट प्रतिज्ञा से डर गया वो कायर था.
उधम सिंह बोलते रहे इंकलाब की बोलियां,
भले दुश्मन ने कायरता पूर्ण चलवा दी गोलियां।
उधम सिंह की तरह तुम भी कोई ख्वाब पाल लो,
दुश्मन करे सवाल तो घर में घुसकर उसका जवाब दो.
शहीद उधम सिंह जो अंग्रेज़ों के दिलों में डर बन गया था
13 मार्च 1940 को लंदन के कैक्सटन हॉल में अंग्रेज़ अफसर माइकल ओ’डायर को गोली मारकर उधम सिंह ने भारतवासियों का बदला लिया। यह वही ओ’डायर था, जिसने जनरल डायर को जलियांवाला बाग नरसंहार का आदेश देने में समर्थन किया था। उधम सिंह ने 21 साल तक उस पल का इंतज़ार किया और फिर इतिहास रच दिया।
उधम सिंह पर दमदार शायरी
देशभक्ति के जज़्बे को बयां करने के लिए उधम सिंह की शहादत पर कई शायरों ने अपनी कलम चलाई है। इन शायरी में दर्द भी है, आग भी, और गर्व भी। पढ़िए वो शायरी जो दिल को झकझोर देती है।
“जिस लहू से इंकलाब की ज़मीन सनी थी,
उसी लहू से उधम ने दुश्मन की कमर तोड़ी थी।”
“ना झुके थे, ना डरे थे, मौत को भी गले लगाया था,
वो उधम सिंह ही था, जिसने ब्रिटिश साम्राज्य को झुकाया था।”
“हाथों में बंदूक नहीं, बदले की आग थी,
उधम सिंह का नाम हर देशभक्त के दिल में जागती बात थी।”
“जिसे इतिहास ने भी सलाम किया,
उस शहीद का नाम था उधम सिंह – जिसने अपनी जान वतन पर कुर्बान किया।”
“बदला लेकर दुनिया को दिखा दिया,
कि भारतवासी ना कभी भूलते हैं, ना माफ करते हैं।”
Udham Singh Quotes in Hindi
उधम सिंह ने दिखला दी
अपनी वीरता फिरंगी माटी में,
ठाय, ठाय, ठाय गोलियां मारी
वीर सिंह ने डायर की छाती में.
भारत की माटी का मान रखने के लिए
खुद से की प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए
जिसने अपने प्राणों की आहुति दे दी
ऐसे शहीद उधम सिंह को शत-शत नमन है,
उधम सिंह की देशभक्ति और
उनकी जज्बातों को शत-शत नमन है,
जिस तरह से लंदन में कायर डायर को मारा
आज भी मुझे भारत के सिंह पर गर्व है.
आज की पीढ़ी को देश के सच्चे नायकों से जोड़ने का सबसे असरदार जरिया है शायरी। ये न सिर्फ भावना जगाती है, बल्कि इतिहास को याद रखने की एक संवेदनशील कोशिश भी है। उधम सिंह पर लिखी गई शायरी हर भारतीय को उनके बलिदान की याद दिलाती है।












