Bihar Ka Mausam Bihar Weather 16 July 2025 Alert of heavy rain, flood and lightning: बिहार मौसम 16 जुलाई 2025 की खबर सुनकर छाता तैयार रखिए, क्योंकि सावन का मानसून बिहार में पूरी शिद्दत से बरस रहा है!
मंगलवार को पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में झमाझम बारिश ने मौसम को सुहाना कर दिया, लेकिन अब मौसम विभाग (IMD) ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर सबको चौकन्ना कर दिया है।
आज बिहार के सभी 38 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी है, साथ ही ठनका (बिजली गिरने) का खतरा भी मंडरा रहा है।
गंगा, कोसी और गंडक जैसी नदियाँ उफान पर हैं, जिससे बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। आइए, आज के मौसम और सावधानियों की पूरी डिटेल्स जानते हैं।
Bihar Ka Mausam: भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 16 जुलाई को बिहार के सभी जिलों में बारिश का तांडव देखने को मिलेगा। रोहतास, कैमूर, बक्सर, औरंगाबाद, अरवल और नालंदा जैसे जिलों में अति भारी बारिश की संभावना है।
पटना, गया, पूर्णिया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में भी झमाझम बारिश होगी। भोजपुर, जहानाबाद, लखीसराय और जमुई में ठनका गिरने का खतरा है, इसलिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
अगर आप खेतों में काम करते हैं या ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, तो मौसम बिगड़ते ही पक्के मकान में शरण लें। सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए सुबह जल्दी निकलें।
मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में 21 जुलाई तक रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहेगा। दक्षिण बिहार से गुजर रही मानसून की ट्रफ लाइन और झारखंड के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र बारिश को और तेज कर रहा है।
इस वजह से हल्की से मध्यम और कभी-कभी भारी बारिश होगी। पटना, भागलपुर और गया में जलजमाव और बाढ़ जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
मौसम का यह मिजाज सड़कों पर कीचड़ और ट्रैफिक की परेशानी बढ़ा सकता है। अगर आप यात्रा कर रहे हैं, तो मौसम अपडेट्स चेक करें और रेनकोट या छाता साथ रखें।
सावधानी और तैयारी
बिहार का यह बारिशी मौसम जितना सुहाना है, उतना ही सावधानी भी माँगता है। बिजली गिरने से बचने के लिए पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें। घर में बिजली के उपकरण अनप्लग रखें।
जलजमाव से बचने के लिए नालियों को साफ रखें और जरूरी सामान ऊँची जगह पर रखें। किसानों को सलाह है कि फसलों को बारिश से बचाने के लिए जल्दी कदम उठाएँ।
यात्रा के दौरान मेट्रो या ट्रेन का इस्तेमाल करें, ताकि जाम से बचा जा सके। उपाय के तौर पर चने की दाल और हल्दी दान करें, इससे दिन शुभ होगा। इस मानसून में सुरक्षित रहें और बारिश का मजा लें।
बाढ़ का मंडराता खतरा
यह बारिश किसानों के लिए वरदान है, लेकिन नदियों का बढ़ता जलस्तर चिंता का सबब बन रहा है। गंगा नदी पटना के गांधी घाट पर चेतावनी स्तर पार कर चुकी है, और मुंगेर में खतरे के निशान से सिर्फ 2 मीटर नीचे है।
कोसी, गंडक और कमला नदियाँ भी उफान पर हैं। बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है, खासकर निचले इलाकों में। स्थानीय प्रशासन ने नदियों के किनारे बसे गाँवों में अलर्ट जारी किया है।
अगर आप इन इलाकों में रहते हैं, तो सामान को सुरक्षित रखें और प्रशासन की सलाह मानें। बाढ़ से बचने के लिए जरूरी कदम पहले से उठाएँ।













