चंडीगढ़. हरियाणा में बारिश के बाद ठंड बढ़ गई है, हिसार में तापमान सामान्य से कम है. पश्चिमी विक्षोभों से शीत लहर जारी, 26-28 जनवरी तक बारिश की संभावना. स्वास्थ्य और कृषि पर असर पड़ रहा है.
पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी का असर अब हरियाणा के मैदानी इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश भर में एक बार फिर कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। बीते दिनों हुई बारिश के बाद अब बर्फीली हवाओं ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि दिन में धूप निकलने के बावजूद सर्द हवाओं के कारण उसकी तपिश महसूस नहीं हो रही है और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग ने ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस की शाम से मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है। हिसार समेत कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है।
हिसार बना सबसे ठंडा, दिन और रात के पारे में गिरावट
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हिसार में अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.4 डिग्री कम है। वहीं रात का न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से 3.1 डिग्री नीचे है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर दिशा से आने वाली सीधी हवाओं के कारण ‘विंड चिल इफेक्ट’ पैदा हो रहा है जिससे तापमान कम न होने पर भी सर्दी ज्यादा महसूस होती है।
26 जनवरी से सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार एक के बाद एक आ रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण मौसम प्रणाली में बदलाव आ रहा है। 26 जनवरी की देर शाम से एक नया सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है।
इसका असर 27 और 28 जनवरी को सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। इस दौरान हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। बारिश के साथ ही ठंडी हवाओं की गति भी बढ़ सकती है।
किसानों के लिए पाले की चेतावनी
कृषि विशेषज्ञों ने राज्य के पश्चिमी और दक्षिणी जिलों के किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में इन इलाकों में ‘पाला’ (Frost) जमने की स्थिति बन रही है। पाला पड़ने से सरसों और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
बारिश के बाद फिर गिरेगा तापमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 27 जनवरी को बारिश और बादलों की वजह से रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है लेकिन दिन का तापमान गिरेगा। इसके बाद जैसे ही बारिश का दौर थमेगा, कोहरा और शीतलहर अपना प्रकोप फिर से दिखाएंगे।
अगले 48 घंटों तक लोगों को सुबह और शाम के समय घने कोहरे का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने वाहन चालकों को धुंध के दौरान फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करने और धीमी गति से गाड़ी चलाने की अपील की है।
यह ठंड न सिर्फ दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी खतरा पैदा कर रही है. बुजुर्ग और बच्चे सर्दी, खांसी जैसी समस्याओं से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं. कृषि क्षेत्र में पाला पड़ने से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, जैसे गेहूं और सरसों की पैदावार कम होना. राज्य सरकार ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने और घरों में रहने की सलाह दी है.













