चंडीगढ़, 21 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। IMD Red Alert Haryana: उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) का जानलेवा प्रकोप जारी है। मौसम विभाग ने हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत में मानसून की दस्तक के साथ भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है।
उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से में सूरज की तपिश और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है। बुधवार को मौसम के सबसे क्रूर तेवर देखने को मिले, जिसने पिछले कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश का बांदा शहर 48.2 डिग्री सेल्सियस पारे के साथ देश का सबसे गर्म इलाका रहा। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश में तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। हरियाणा के रोहतक, हिसार, पंजाब के अमृतसर और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में सुबह से ही गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे कामकाजी लोगों और मजदूरों को असहनीय दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वैज्ञानिक नरेश कुमार ने बताया कि अगले सात दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों को इस भीषण गर्मी से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जो हीटस्ट्रोक और लू से होने वाली बीमारियों के अत्यधिक खतरे का सीधा संकेत है। दिल्ली-एनसीआर में भी पारा 47 डिग्री के करीब पहुंचने की आशंका है, जिसके कारण यहां अगले सात दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य भी इस समय भीषण लू की चपेट में हैं।
दक्षिण भारत में बदला मौसम
उत्तर भारत की इस भीषण स्थिति के बिल्कुल उलट देश के दक्षिणी राज्यों और समुद्री द्वीपों में मौसम सुहावना बना हुआ है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के साथ-साथ लक्षद्वीप में मानसूनी हवाओं के कारण भारी बारिश दर्ज की गई है। केरल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में छिटपुट बौछारें गिरने से तापमान में भारी गिरावट आई है। वहीं ओडिशा के कोरापुट में न्यूनतम तापमान 19.9 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जो उत्तर भारत के मुकाबले बेहद कम है। गुरुवार को भी असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पुडुचेरी में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई गई है।
26 मई को केरल पहुंचेगा मानसून
इस हाहाकारी गर्मी के बीच देश के किसानों और आम जनता के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भारत की अर्थव्यवस्था और कृषि की जीवनरेखा माना जाने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह मौसमी प्रणाली 26 मई के आसपास केरल के तटों पर दस्तक दे देगी। अगले 3-4 दिनों के भीतर दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। केरल में प्रवेश करने के बाद यह हवाएं उत्तर भारत की तरफ बढ़ेंगी और जुलाई के मध्य तक पूरे देश को कवर कर लेंगी, जिससे तपते मैदानी इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी।
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