Pesticides for Sugarcane: गन्ना बिजाई के समय कौन सा कीटनाशक प्रयोग करें, इस तकनीक से फसल लंबे समय तक रहेगी निरोगी

करनाल, Top Pesticides for Sugarcane: गन्ने में कंसुआ रोग बहुत जल्दी फैलता है। यह पहले पानी के साथ ही शुरू हो जाता है। ऐसे में हमें ऐसे कीटनाशकों को चयन करना चाहिए। जो लगभग 40 से 45 दिन का रिजल्ट दें। मैं आपको गन्ने में प्रयोग होने वाले ऐसे तीन कीटनाशकों के बारे में बताऊंगा। जो आपको दो महीने तक आसानी से रिजल्ट देंगे।
गन्ना बिजाई में कौन सा कीटनाशक डालें
गन्ना बिजाई में प्रयोग होने वाला टॉप कीटनाशकों की बात करें। तो आपको बाजार में अलग-अलग कंपनी द्वारा काफी सारे कीटनाशक देखने को मिल जाते हैं। गन्ना बिजाई में जितना महत्व खादों का होता है। उससे कई ज्यादा महत्व कीटनाशकों का होता है। क्योंकि हमें ऐसे कीटनाशकों को चयन करना चाहिए। जो हमारी फसल को लंबे समय तक कीटों से बचाव कर सकें।
कौन से कीटनाशक का प्रयोग करें
गन्ने में प्रयोग होने वाले कीटनाशक एक जैसे टेक्निकल काफी सारी कंपनियां के देखने को मिलते है। इनको अलग-अलग नाम से बाजार में बेचा जाता हैं। हमें ऐसे कीटनाशकों का चयन करना चाहिए। जो एक अच्छी कंपनी के हो और इसके अच्छे रिजल्ट हों।
गन्ना डेनटोटसू कीटनाशक
डेनटोटसू सुमितोमो केमिकल इंडिया लिमिटेडका एक उत्पाद है। यह गाने में सफेद गिंडार और दीमक को मुख्य रूप से कंट्रोल करता है। इसकी 100 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ प्रयोग की जाती है। इसका प्रयोग बिजाई के समय किया जाता है। इसका प्रयोग आप स्प्रे में या फिर खादों के साथ मिलकर भी इसको अपने खेत में प्रयोग कर सकते हैं। यह भी लंबे समय तक कीटों को रोकने का काम करती है। इसके काफी अच्छे रिजल्ट किसानों द्वारा देखे गए हैं। इसके 100g पैकेट का मूल्या 1000रु के आस पास रहता है।
गन्ना के लिए वाइब्रेंट कीटनाशक
वाइब्रेंट पेस्टिसाइड इंडिया का एक उत्पाद है। इसमें थायोसायक्लैम हाइड्रोजन ऑक्सालेट टेक्निकल पाया जाता है। इसका 50 से 60 दिन के लगभग रिजल्ट आ जाता है। यह आपके खेत में लंबे समय तक कीटों की रोकथाम करता है। इसकी 8 किलोग्राम से 10 किलोग्राम मात्रा प्रति एकड़ प्रयोग की जाती है। यह दानेदार कीटनाशक है। इसका प्रयोग आप खाद में मिलाकर आसानी से कर सकते हैं। इसके 5 किलोग्राम पैकेट का मूल्या 800रु से 900रु तक रहता है।
लेसेंटा कीटनाशक गन्ना के लिए
लेसेंटा बायर क्रॉप साइंस का एक प्रोडक्ट है। इसमें इमिडाक्लोप्रिड 40% + फिप्रोनिल 40% w/w WG टेक्निकल पाया जाता है। इसकी 150 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ प्रयोग की जाती है। लेकिन किसान भाई इसकी 100 ग्राम मात्रा का ही प्रयोग करते है। इसका प्रयोग हमेशा स्प्रे के द्वारा करना पड़ता है।
किसानों को होगा फायदा
गन्ना बुवाई के बाद खूडों में इसका स्प्रे किया जाता है। इसके काफी अच्छे रिजल्ट देखने को मिलते हैं। यह 50 से 60 दिन तक आपके खेत में कीट रोगों को नहीं आने देता। यह दीमक, सफ़ेद गिंडार जैसे रोगों कीटों पर भी काफी अच्छी रोकथाम करता है। इसका 100g का पैकेट आपको 1000रु से 1050रु तक आसानी से मिल जाता है।
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