Big victory for farmers in Hisar, Show flag, card or badge at toll plaza, get exemption from toll tax: हिसार के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। बाडोपट्टी, चौधरीवास और मय्यड़ टोल प्लाजा पर अब किसानों को टोल टैक्स से छूट मिलेगी, बशर्ते उनकी गाड़ी पर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) का झंडा, कार्ड या बैज हो। यह फैसला शनिवार को टोल प्रबंधन और किसान नेताओं के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया।
यह कदम न केवल किसानों की मांगों को मान्यता देता है, बल्कि टोल संचालन को भी पारदर्शी और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आइए, इस फैसले के हर पहलू को समझते हैं और जानते हैं कि यह हिसार के किसानों के लिए क्यों खास है।
टोल पर किसानों की मांगें मंजूर Farmers in Hisar
शनिवार को बाडोपट्टी टोल प्लाजा पर संयुक्त किसान मोर्चा और टोल प्रशासन की एक संयुक्त बैठक हुई, जिसमें हिसार के तीन प्रमुख टोल—बाडोपट्टी, चौधरीवास और मय्यड़—के प्रबंधन ने किसानों की मांगों को स्वीकार कर लिया। बैठक में टोल मैनेजर मिवरुती रावत, मंगेश देश पांडे, दलीप सिंह, जनरल मैनेजर गंगाधर और सिक्योरिटी इंचार्ज अमित नैन शामिल थे।
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से ईश्वर वर्मा ने बैठक की अध्यक्षता की, जबकि सरदानंद राजली ने इसका संचालन किया। टोल प्रशासन ने किसानों की हर मांग पर सहमति जताई और भविष्य में किसी भी शिकायत का मौका न देने का वादा किया।
टोल छूट की शर्तें
बैठक में यह तय हुआ कि अगर किसी गाड़ी पर संयुक्त किसान मोर्चा का झंडा, कार्ड या बैज में से कोई दो पहचान चिह्न मौजूद हों, तो उस गाड़ी को टोल टैक्स से छूट दी जाएगी। टोल कर्मचारी ऐसी गाड़ियों का वेरिफिकेशन नहीं करेंगे, न ही रात के समय किसानों से अनावश्यक बातचीत या सवाल-जवाब करेंगे।
इसके अलावा, अगर गाड़ी में महिलाएं या परिवार के सदस्य मौजूद हों, तो टोल कर्मचारियों को शालीन और सम्मानजनक व्यवहार करना होगा। किसानों ने भी आश्वासन दिया कि वे गलत कार्ड या चिह्नों का दुरुपयोग नहीं करेंगे, और अगर कोई ऐसा करता है, तो वे इसके लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।
पहले भी हुई थी मांगें
यह कोई पहला मौका नहीं है जब हिसार के किसानों ने टोल प्रशासन के सामने अपनी बात रखी हो। 22 अप्रैल को चौधरीवास टोल पर संयुक्त किसान मोर्चा की एक बैठक हुई थी, जिसमें कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी थी।
उस समय टोल प्रशासन ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी और भविष्य में ऐसी गलतियां न दोहराने का वादा किया था। किसानों ने उस दिन दोपहर 2 बजे तक टोल को फ्री रखा था। शनिवार की बैठक ने इन सभी मांगों को व्यावहारिक रूप से लागू करने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया है।
किसानों की एकजुटता की मिसाल
हिसार के किसानों की यह जीत उनकी एकजुटता और संगठित प्रयासों का नतीजा है। संयुक्त किसान मोर्चा ने न केवल अपनी मांगों को मजबूती से रखा, बल्कि टोल प्रशासन के साथ सकारात्मक वार्ता के जरिए एक व्यावहारिक समाधान निकाला।
यह फैसला हिसार के किसानों के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि टोल टैक्स से छूट उनके आर्थिक बोझ को कम करेगा। साथ ही, यह टोल संचालन में पारदर्शिता और सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा देगा।
टोल प्रशासन का सकारात्मक रुख
टोल प्रशासन की ओर से जनरल मैनेजर गंगाधर ने किसानों की मांगों को तार्किक और व्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि टोल कर्मचारी अब किसानों की गाड़ियों को बेवजह नहीं रोकेंगे और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करेंगे।
यह कदम टोल प्लाजा पर अनावश्यक तनाव और विवाद को कम करने में मदद करेगा। टोल प्रशासन का यह रुख न केवल किसानों के लिए, बल्कि सभी वाहन चालकों के लिए एक बेहतर अनुभव सुनिश्चित करेगा।
समाज के लिए संदेश
यह घटना हमें एकजुटता और सकारात्मक संवाद की ताकत दिखाती है। किसानों ने अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से रखा, जिसका नतीजा उनके पक्ष में रहा।
यह अन्य समुदायों के लिए भी एक प्रेरणा है कि अपनी बात को मजबूती से रखने और वार्ता के जरिए समाधान निकालने से बदलाव संभव है। साथ ही, टोल प्रशासन को चाहिए कि वह इस सहमति का पूरी तरह पालन करे, ताकि भविष्य में कोई नया विवाद न हो।
आगे की राह
हिसार के किसानों की यह उपलब्धि उनके संघर्ष और एकता की मिसाल है। अब जरूरत है कि इस सहमति को पूरी तरह लागू किया जाए और टोल पर किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो।
किसानों से भी अपील है कि वे इस छूट का सही उपयोग करें और अपने अधिकारों के साथ-साथ जिम्मेदारी भी निभाएं। आइए, इस सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनें और हिसार को एकजुटता की नई मिसाल बनाएं।











