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Compensation for burnt crops: हरियाणा के किसानों को राहत: जली फसलों का मुआवजा 15 मई के बाद, पशुपालकों को भी सहायता

On: अप्रैल 26, 2025 8:53 पूर्वाह्न
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Compensation for burnt crops: हरियाणा के किसानों को राहत: जली फसलों का मुआवजा 15 मई के बाद, पशुपालकों को भी सहायता
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Compensation for burnt crops, Relief to Haryana farmers: Compensation for burnt crops after May 15, assistance to cattle rearers too: हरियाणा के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। हाल ही में आग लगने की घटनाओं में 303 किसानों की 801 एकड़ फसल जलकर राख हो गई थी। अब सरकार ने इन किसानों को मुआवजा देने की तैयारी कर ली है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को प्रभावित किसानों की रिपोर्ट सौंप दी गई है, और 15 मई के बाद मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही, पशुपालकों को भी मवेशियों की मौत पर सहायता दी जाएगी। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं।

जली फसलों के लिए मुआवजा Compensation for burnt crops

पिछले दिनों हरियाणा के कई इलाकों में आग लगने से किसानों की फसलें तबाह हो गईं। 303 किसानों की 801 एकड़ फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्रभावित किसानों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भेज दी गई है।

सरकार ने पहले ही निर्देश दिए हैं कि किसान अपने नुकसान की जानकारी जिला उपायुक्त (DC) को दे सकते हैं। मुआवजे की राशि फसल बिक्री के बाद, यानी 15 मई के बाद वितरित की जाएगी। हालांकि, मुआवजे से पहले सरकार पोर्टल पर आवेदन करने वाले किसानों की फसलों का सत्यापन कराएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो कि नुकसान वास्तविक है।

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फसल बीमा और उसकी सीमाएं

कृषि विभाग ने भी प्रभावित किसानों की जिलेवार रिपोर्ट तैयार की है, जिसे सरकार को सौंपा जा चुका है। इस रिपोर्ट के अनुसार, 303 में से 43 किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया था। लेकिन दुख की बात यह है कि सामान्य आग लगने की स्थिति में फसल बीमा कवर नहीं करता।

बीमा केवल आसमानी बिजली जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए मान्य है। फिर भी, हरियाणा में इस बार करीब 5 लाख 34 हजार किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया है, जो भविष्य में ऐसी योजनाओं की उपयोगिता को दर्शाता है।

पशुपालकों के लिए भी राहत

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि सरकार उन किसानों और पशुपालकों के साथ खड़ी है, जिन्हें आग की घटनाओं में नुकसान हुआ है।

जिन पशुपालकों के मवेशी आग या अन्य कारणों से मरे हैं, उन्हें भी मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, यह अभी तय नहीं हुआ है कि मुआवजा नकद राशि के रूप में होगा या खाद-बीज जैसे संसाधनों के रूप में। सीएम सैनी ने प्रति एकड़ मुआवजे की राशि तय करने की जिम्मेदारी भी ली है, जिससे किसानों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।

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सरकार की प्रतिबद्धता

यह पहल हरियाणा सरकार की किसान हितैषी नीतियों का हिस्सा है। आग जैसी आपदाओं से निपटने के लिए सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है, जिसमें नुकसान का आकलन और रिपोर्ट तैयार करना शामिल है।

सत्यापन प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होगा कि मुआवजा केवल जरूरतमंद किसानों तक पहुंचे। यह कदम न केवल किसानों का भरोसा बढ़ाएगा, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा।

किसानों के लिए उम्मीद की किरण

यह मुआवजा योजना हरियाणा के किसानों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आएगी। खेती पर निर्भर परिवारों के लिए फसल का नुकसान किसी बड़े संकट से कम नहीं होता। ऐसे में सरकार का यह कदम न केवल उनकी मुश्किलें कम करेगा, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए नई उम्मीद भी देगा।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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