ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Fake fertilizer in India: फसलें जल रही हैं, किसान टूट रहे हैं, सत्ता अब भी खामोश क्यों?

On: जुलाई 24, 2025 9:01 पूर्वाह्न
Follow Us:
Fake fertilizer in India: फसलें जल रही हैं, किसान टूट रहे हैं, सत्ता अब भी खामोश क्यों?
Join WhatsApp Group

Fake fertilizer in India: Crops are burning, farmers are breaking down, why is the government still silent?: (नकली खाद संकट 2025) अब सिर्फ एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि देशव्यापी कृषि आपदा बन चुकी है। छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों से लगातार फसलें जलने और ज़मीन बंजर होने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

किसान के खेत में बीज, मेहनत और भरोसा बोया जाता है। लेकिन अब यूरिया की थैली में चॉक पाउडर, डीएपी की बोरी में POP और सूक्ष्म पोषक तत्वों की आड़ में ज़हर परोसा जा रहा है। ₹1350 की असली डीएपी की जगह ₹130 की नकली खाद बेची जा रही है, जिससे नेटवर्क में शामिल लोग 10 गुना मुनाफा कमाते हैं (fertilizer scam 2025)।

इस ज़हर की सप्लाई में फेक्ट्री मालिक, ट्रांसपोर्टर, अधिकारी और दुर्भाग्यवश, कई बार सरकारी तंत्र के लोग भी शामिल पाए गए हैं।

खेत से फसल नहीं, संकट उग रहा है Fake fertilizer in India

मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल फिर खुला: हरियाणा सरकार ने दोबारा शुरू किया फसल पंजीकरण, जानें प्रक्रिया | meri-fasal-mera-byora-portal-reopens-kharif-registration-haryana-farmers
मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल फिर खुला: हरियाणा सरकार ने दोबारा शुरू किया फसल पंजीकरण, जानें प्रक्रिया

अप्रैल 2025 में ओडिशा के गंजाम में नकली कीटनाशक ने 120 एकड़ धान को नष्ट कर दिया। उत्तर प्रदेश के जालौन में जून 2025 में 200 से अधिक किसानों ने तहसील पर धरना दिया, जब पूरी फसल पीली होकर सूख गई।

छत्तीसगढ़ के बस्तर में सरकारी डिपो में नकली यूरिया की बार-बार बरामदगी अब “घटना” नहीं, “नियम” बन गई है।

हर बार किसान को ही दोषी बना दिया जाता है—”गलत जगह से खरीदा”, “सही जांच नहीं की”—लेकिन कोई ये नहीं पूछता कि खाद बिना BIS मार्किंग के बाजार में कैसे बिक रही है (BIS mark fertilizer) और मंडी निरीक्षक किस नींद में हैं।

क्या सरकार जागेगी या किसानों की मिट्टी ही सबूत बनेगी?

रुक-रुककर बारिश से धान को राहत, लीफ फोल्डर का असर काफी कम | yamunanagar-rainfall-paddy-crop-rice-leaf-folder-pest-august-2026
रुक-रुककर बारिश से धान को राहत, लीफ फोल्डर का असर काफी कम

राजस्थान के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की छापेमारी सराहनीय रही, लेकिन निगाहें अब केंद्र सरकार और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हैं।

क्या ईडी, सीबीआई, एनआईए जैसी संस्थाएं नकली खाद माफिया पर भी कार्रवाई करेंगी?

क्या भारत की मिट्टी और किसान की मेहनत किसी जांच एजेंसी के एजेंडे पर आएगी?

आवश्यकता है कि खाद परीक्षण प्रयोगशालाएं सक्रिय हों, मंडी निरीक्षण नियमित हो और uncertified कंपनियों की पुनः एंट्री पर रोक लगे।

हरियाणा में DSR करने वाले किसानों को मिल सकते हैं 6 हजार रुपये प्रति एकड़, 2026-2030 की नई योजना तैयार | haryana-dsr-scheme-2026-paddy-alternative-crops-incentive-plan
हरियाणा में DSR करने वाले किसानों को मिल सकते हैं 6 हजार रुपये प्रति एकड़, 2026-2030 की नई योजना तैयार

यह संकट केवल आर्थिक नहीं, यह नैतिक और सांस्कृतिक है। भारतीय कृषि केवल “उपज” नहीं, यह एक परंपरा, विश्वास और संस्कृति है।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment