Kaithal News: कैथल के प्रगतिशील किसान प्रदीप ढुल उगा रहे जड़ी बूटियां, हरियाणा ही नहीं देश में चमका नाम

पाई (कैथल)। खेती से प्यार करने वाले प्रगतिशील किसान प्रदीप ढुल कैथल के गांव पाई में रहते हैं। खेती उनके डीएनए में है। इसलिए वे इसके विकास और प्रचार के लिए काम करते रहते हैं। पेशे से आयुर्वेदिक दवाओं का काम भी कर रहे हैं ताकि लोगों की सेहत तंदुरुस्त रहे।
जैविक खेती आज की जरूरत
प्रदीप ढुल कहते हैं कि कोराना के समय लोगों को अपनी प्रतिरोधक क्षमता का पता चला। साथ ही लोगों ने अपने खानपान में भी बदलाव किया। लेकिन सबसे बड़ी समस्या थी कि वे शुद्ध खाद्य पदार्थ कहां से हासिल करें। ऐसे में जैविक खेती लोगों का सहारा बनी। वे कहते हैं कि जैविक खेती आपको सेहत देती है। जबकि रासयनिक खेती से सिर्फ नुकसान ही होता है।
आयुर्वेद की ओर बढ़ाए कदम
प्रदीप ऑर्गेनिक खेती करके आयुर्वेद की भी सेवा में जुटे हैं। वे विभिन्न प्रकार की जड़ी बूटियां उगाते हैं और उनसे दवाएंं बनाते हैं। वे कहते हैं कि 15 अगस्त 2012 में उन्होंने इसकी शुरुआत की। पहले वे आशंकित थे कि पारंपरिक खेती को छोड़कर वे आयुर्वेद में कैसे कामयाब होंगे। लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई और वे इस क्षेत्र में भी कामयाब हुए।
खुद तैयार करते हैं दवाएं
प्रदीप आयुर्वेदिक दवाएं और काड़े खुद तैयार करते हैं। इसके लिए वे पहले जैविक खेती के जरिए जड़ी बूटियों को उगाते हैं और उसके बाद उससे दवाएं बनाते हैं। उनकी दवाएं हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश में सप्लाई हो रही हैं। यही कारण है कि लोगों का विश्वास उनके ब्रांड में बढ़ता ही चला जा रहा है।
ऑर्गेनिक खेती के लिए कर रहे जागरुक
प्रदीप बताते हैं कि ऑर्गेनिक खेती आज की जरूरत है। हालांकि इसमें अधिक लोगों को सफलता नहीं मिली है, लेकिन यह बहुत जरूरी है। रसायनों के कारण धरती जहरीली होती जा रही है। इसका सीधा असर हमारी सेहत पर हो रहा है। इस कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारी तेजी से बढ़ रही है। अगर समय रहते सभी चेत जाएंगे तो कई जिंदगियों को बचाया जा सकेगा।
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