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Urea Smuggling: : 260 रुपये की खाद नेपाल में 1600 में बिक रही, किसान परेशान!

On: June 26, 2025 9:30 AM
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Urea Smuggling: : 260 रुपये की खाद नेपाल में 1600 में बिक रही, किसान परेशान!
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Urea Smuggling: Fertilizer worth Rs 260 is being sold for Rs 1600 in Nepal, farmers are worried!: यूरिया तस्करी (urea smuggling) ने भारत-नेपाल सीमा पर हड़कंप मचा दिया है। सस्ती सब्सिडी वाली यूरिया नेपाल में मोटे मुनाफे के लिए बेची जा रही है।

इससे भारतीय किसान (Indian farmers) खाद के लिए भटक रहे हैं। तस्करों का यह खेल सुबह तड़के शुरू हो जाता है, जिससे खेती (agriculture) पर बुरा असर पड़ रहा है। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई (strict action) का ऐलान किया है। आइए, इस गंभीर मुद्दे की पूरी कहानी जानें।

तस्करी का खुला खेल Urea Smuggling

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भारत-नेपाल सीमा पर यूरिया तस्करी (urea smuggling) तेजी से बढ़ रही है। सुबह 4 बजे से ही तस्कर बाइक और साइकिल पर 4-5 बोरी यूरिया लादकर नेपाल की ओर निकल पड़ते हैं। रमगढवा, करमहवा, और खोरिया बाजार जैसे इलाकों से यह खेल शुरू होता है। तस्कर मुख्य सड़कों से बचते हैं। वे पगडंडियों (smuggling routes) और सुनसान रास्तों का इस्तेमाल करते हैं।

चंडीथान, मुडिला, और सुंडी जैसे गांवों में तस्करों ने पूरा नेटवर्क (smuggling network) बना लिया है। भारत में 260 रुपये प्रति बोरी की सब्सिडी वाली यूरिया को तस्कर 400-500 रुपये में खरीदते हैं। फिर इसे नेपाल में 1600 रुपये (2000 नेपाली रुपये) में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं।

किसानों की बढ़ती मुश्किलें

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यूरिया तस्करी की वजह से भारतीय किसान परेशान हैं। ग्रामीण इलाकों में किसान (rural farmers) घंटों दुकानों के बाहर लाइन लगाते हैं। फिर भी उन्हें खाद नहीं मिलती। इससे फसलों की बुवाई और उत्पादन (crop production) प्रभावित हो रहा है। खेती पर निर्भर किसानों की आजीविका (farmers’ livelihood) खतरे में है।
यह तस्करी न केवल आलू की खेती को प्रभावित कर रही。当时

प्रशासन की सख्ती का वादा

उपजिलाधिकारी नवीन प्रसाद ने यूरिया तस्करी (urea smuggling) पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही है। पुलिस, एसएसबी (SSB), और कस्टम विभाग मिलकर कार्रवाई करेंगे। अवैध गोदामों (illegal warehouses) पर नजर रखी जाएगी। खाद बेचने वाले दुकानदारों की जांच होगी। नियम तोड़ने वालों का लाइसेंस रद्द (license cancellation) किया जाएगा। यह कदम किसानों को राहत दिला सकता है।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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