ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

बंगाल में संवैधानिक संकट: ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार, अब क्या करेंगे राज्यपाल?

On: May 5, 2026 7:09 PM
Follow Us:
बंगाल में संवैधानिक संकट: ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार, अब क्या करेंगे राज्यपाल?
Join WhatsApp Group

कोलकाता, 05 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। कोलकाता की सत्ता के गलियारों में इस वक्त एक ऐसा टकराव देखने को मिल रहा है, जो भारतीय लोकतंत्र में विरले ही नजर आता है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने 50 साल के वामपंथ और टीएमसी के दबदबे को खत्म करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। लेकिन असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जनता के फैसले को स्वीकार करने के बजाय पद छोड़ने से मना कर दिया।

ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीधे तौर पर चुनाव आयोग और भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने दो टूक कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी। उधर, बंगाल भाजपा के खेमे में जश्न का माहौल है और प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि 9 मई को भाजपा की नई सरकार शपथ लेगी। 15 साल बाद सत्ता से बाहर हुई टीएमसी अब कानूनी और राजनीतिक लड़ाई की बात कर रही है।

क्या कहता है भारत का संविधान?

भारत की संसदीय प्रणाली में नैतिकता और परंपरा कहती है कि बहुमत खोते ही मुख्यमंत्री को राज्यपाल के पास जाकर इस्तीफा सौंप देना चाहिए। सामान्य स्थिति में राज्यपाल नई सरकार बनने तक निवर्तमान सीएम को कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर काम करने को कहते हैं। लेकिन जब कोई मुख्यमंत्री खुद ही कुर्सी छोड़ने को तैयार न हो, तो संविधान का अनुच्छेद 164 सक्रिय हो जाता है।

विनेश फोगाट पर कुश्ती महासंघ का बड़ा एक्शन: 26 जून तक बैन, 15 पन्नों का नोटिस जारी
विनेश फोगाट पर कुश्ती महासंघ का बड़ा एक्शन: 26 जून तक बैन, 15 पन्नों का नोटिस जारी

इस अनुच्छेद के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति और पद पर बने रहना पूरी तरह राज्यपाल के ‘प्रसादपर्यंत’ (Pleasure of the Governor) होता है। सरल शब्दों में कहें तो अगर कोई चुनाव हारने के बाद भी पद नहीं छोड़ता, तो राज्यपाल को उसे आधिकारिक आदेश के जरिए तत्काल बर् बर्खास्त करने का पूर्ण अधिकार है।

राज्यपाल के पास क्या हैं विकल्प?

संवैधानिक विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर ममता बनर्जी अपना रुख नहीं बदलती हैं, तो राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस कड़ा कदम उठा सकते हैं। चूंकि भाजपा के पास 207 सीटों का स्पष्ट बहुमत है, इसलिए राज्यपाल बहुमत वाली पार्टी को सरकार बनाने का न्योता देंगे। यदि पुरानी सरकार बाधा बनती है, तो राज्यपाल राज्य में संवैधानिक मशीनरी के फेल होने की रिपोर्ट केंद्र को भेज सकते हैं या सीधे मुख्यमंत्री को हटाकर नई नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।

संविधान के अनुच्छेद 164(4) में यह भी प्रावधान है कि कोई गैर-विधायक 6 महीने तक पद पर रह सकता है, लेकिन इसके लिए भी विधानसभा में बहुमत का समर्थन होना अनिवार्य है। ममता बनर्जी के पास चूंकि अब बहुमत का आंकड़ा (148) नहीं है, इसलिए उनका कुर्सी पर डटे रहना पूरी तरह असंवैधानिक श्रेणी में आता है।

हरियाणा लाडो लक्ष्मी योजना 2026: मुख्यमंत्री ने जारी की सातवीं किस्त, गैस सब्सिडी के पैसे भी ट्रांसफर
हरियाणा लाडो लक्ष्मी योजना 2026: मुख्यमंत्री ने जारी की सातवीं किस्त, गैस सब्सिडी के पैसे भी ट्रांसफर

बंगाल की जनता का फैसला

4 मई को आए नतीजों ने सबको चौंका दिया। 294 सीटों में से 207 सीटें जीतकर भाजपा ने बंगाल में ‘सोनार बांग्ला’ के अपने नारे को हकीकत में बदल दिया है। टीएमसी की 80 सीटों पर करारी हार यह बताती है कि जनता ने सत्ता परिवर्तन की लहर को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है। अब सबकी नजरें राजभवन पर टिकी हैं कि क्या 9 मई को बंगाल में शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण होगा या कानूनी जंग शुरू होगी।

अग्रोहा से मिलगेट तक अब ई-बस का सफर: हिसार में 50 इलेक्ट्रिक बसों के लिए नया स्टैंड तैयार

सावधान! क्या आपका AC भी बन सकता है बम? विवेक विहार हादसे के बाद डराने वाली रिपोर्ट

हरियाणा UG एडमिशन अपडेट: बिना रिजल्ट आए खुलेगा पोर्टल, जानें आवेदन में गलती होने पर कैसे होगा सुधार
हरियाणा UG एडमिशन अपडेट: बिना रिजल्ट आए खुलेगा पोर्टल, जानें आवेदन में गलती होने पर कैसे होगा सुधार

ब्रेकिंग न्यूज़ और जिलेवार अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।

राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now