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Mouth Ulcers : क्या पेट की गर्मी और पानी की कमी से हो रहे हैं मुंह में छाले? जानें राहत पाने के उपाय

On: June 2, 2026 5:49 PM
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Mouth Ulcers : क्या पेट की गर्मी और पानी की कमी से हो रहे हैं मुंह में छाले? जानें राहत पाने के उपाय
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Mouth Ulcers Home Remedies : गर्मियों के मौसम में तेज धूप और पसीने के साथ-साथ मुंह के छालों (Mouth Ulcers) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। शरीर में पानी की कमी, पेट की गर्मी और जरूरी विटामिनों का अभाव इसका मुख्य कारण बनता है। देश के जाने-माने स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस असहज करने वाली बीमारी के सटीक कारण और इससे तुरंत राहत पाने के बेहद असरदार घरेलू उपायों की जानकारी साझा की है।

देशभर में गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ ही अस्पतालों की ओपीडी में मुंह के छालों (Summer Mouth Ulcers) से पीड़ित मरीजों की संख्या में भारी उछाल देखा जा रहा है। तेज धूप, पसीना और डिहाइड्रेशन के इस मौसम में जीभ, मसूड़ों और होंठों के अंदरूनी हिस्से में होने वाले ये सफेद-पीले घाव आम आदमी का जीना मुहाल कर रहे हैं। इस समस्या के चलते लोगों का खाना-पीना, बोलना और यहां तक कि पानी पीना भी दर्दनाक हो जाता है। ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा हॉस्पिटल के आंतरिक चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. श्रेय श्रीवास्तव और प्रसिद्ध आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा ने इस समस्या के पीछे के वैज्ञानिक व आयुर्वेदिक कारणों को स्पष्ट करते हुए इससे निपटने के कारगर तरीके बताए हैं।

डिहाइड्रेशन और पेट की खराबी है असली विलेन

शारदा हॉस्पिटल के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. श्रेय श्रीवास्तव के मुताबिक गर्मियों में इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण शरीर में पानी की कमी होना है। जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो मुंह सूखने लगता है और उसकी बेहद संवेदनशील अंदरूनी परत छिल जाती है, जो बाद में घाव का रूप ले लेती है। इसके अलावा, अत्यधिक पसीना बहने से शरीर से जरूरी विटामिन B12, आयरन और फोलिक एसिड जैसे मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। इस मौसम में मसालेदार, तला-भुना और गर्म भोजन खाना सीधे तौर पर पेट की गर्मी और कब्ज को बढ़ाता है, जिसका सीधा असर मुंह के अंदर छालों के रूप में दिखाई देता है। मानसिक तनाव और अपर्याप्त नींद भी इस समस्या को गंभीर बना देती है।

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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

अगर आपको मुंह के भीतर सफेद या पीले रंग के छोटे घाव दिखाई दे रहे हैं, जिनके चारों तरफ लालपन है, तो यह मुंह के छाले हैं। ऐसी स्थिति में तीखा या खट्टा खाने पर असहनीय जलन होती है। भोजन निगलने में होने वाली परेशानी और मुंह में लगातार होने वाली चुभन इसके प्राथमिक लक्षण हैं। आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं कि आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही मानते हैं कि खानपान में थोड़ी सी सतर्कता और सही लाइफस्टाइल अपनाकर इस दर्दनाक समस्या से पूरी तरह बचा जा सकता है।

छालों को तुरंत शांत करेंगे ये घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय

डॉ. चंचल शर्मा ने छालों के दर्द और सूजन से तुरंत राहत पाने के लिए कुछ बेहद सरल और प्रभावी उपाय सुझाए हैं। नारियल पानी का नियमित सेवन शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करता है और पेट को अंदरूनी ठंडक देता है। इसके अलावा, भोजन के साथ ठंडी छाछ का इस्तेमाल पाचन तंत्र के प्रोबायोटिक्स को सक्रिय करता है, जिससे पेट साफ रहता है और छाले ठीक होते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी की 4-5 पत्तियां सुबह-शाम चबाने से मुंह के बैक्टीरिया खत्म होते हैं।

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घाव पर साफ उंगली से शहद या एलोवेरा जेल लगाने से इसकी एंटी-बैक्टीरियल और हीलिंग प्रॉपर्टीज दर्द को तुरंत सोख लेती हैं। रात को सोने से पहले छालों पर थोड़ा देसी घी लगाने से त्वचा की नमी लौट आती है। इसके साथ ही, मुलेठी के पानी से कुल्ला करना या हल्के गुनगुने पानी में नमक मिलाकर गरारे करना एक आजमाया हुआ नुस्खा है, जो संक्रमण को बढ़ने से रोकता है।

कब हो जाता है डॉक्टर को दिखाना जरूरी

आमतौर पर मुंह के ये साधारण घाव 7 से 14 दिनों के भीतर अपने आप ठीक हो जाते हैं। इसके लिए बस मुंह की साफ-सफाई, गहरी नींद और तंबाकू-धूम्रपान से दूरी बनाना जरूरी होता है। लेकिन डॉ. श्रेय श्रीवास्तव सचेत करते हैं कि अगर आपके छाले दो सप्ताह से ज्यादा समय तक ठीक नहीं हो रहे हैं, या छालों का आकार लगातार बढ़ रहा है, तो लापरवाही भारी पड़ सकती है। बार-बार छालों का निकलना, असहनीय दर्द के कारण खाना पूरी तरह बंद हो जाना या छालों के साथ तेज बुखार आना किसी गंभीर अंदरूनी संक्रमण या बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

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मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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