नई दिल्ली, PM WANI Wi-Fi: देश के ग्रामीण और शहरी इलाकों में किफायती इंटरनेट पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही सरकारी वाई-फाई योजना अब नए अवतार में नजर आने वाली है। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) ने प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस यानी ‘PM-WANI’ इकोसिस्टम को आम उपभोक्ताओं के लिए पहले से अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए इसमें कई महत्वपूर्ण तकनीकी सुधारों का ऐलान किया है।
विभाग द्वारा जारी नई रूपरेखा के अनुसार, आगामी जुलाई 2026 तक ये सभी अपग्रेड पूरे देश में जमीनी स्तर पर काम करना शुरू कर देंगे। इन नए बदलावों का सबसे बड़ा फायदा उन कामकाजी लोगों, छात्रों और मुसाफिरों को मिलेगा जो घर से बाहर पब्लिक प्लेस पर इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए परेशान होते हैं।
लैपटॉप के लिए QR आधारित लॉगिन और माइक्रो रिचार्ज प्लान
अब तक पब्लिक डेटा वाई-फाई हॉटस्पॉट के जरिए लैपटॉप या टैबलेट जैसे बड़े स्क्रीन डिवाइसेज को जोड़ने में लॉग-इन पासवर्ड और ओटीटी वेरिफिकेशन की जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। सरकार ने अब इस प्रक्रिया को आसान बनाते हुए ‘क्यूआर-बेस्ड लॉगिन’ प्रणाली पेश की है। इसके तहत यूजर अपने मोबाइल से हॉटस्पॉट पर दिख रहे क्यूआर कोड को स्कैन करके सीधे अपने लैपटॉप पर हाई-स्पीड इंटरनेट चालू कर सकेंगे।
इसके साथ ही, बाजार की मांग को देखते हुए पहली बार समयावधि आधारित बेहद छोटे इंटरनेट पैक पेश किए जा रहे हैं। नए नियमों के बाद अब यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से सिर्फ 15 मिनट, 30 मिनट या 60 मिनट की वैलिडिटी वाले माइक्रो प्लान खरीद सकेंगे। यह व्यवस्था उन लोगों की जेब का खर्च बचाएगी जो रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या बाजार में महज कुछ देर के लिए जरूरी ऑनलाइन काम निपटाना चाहते हैं।
फर्जी नेटवर्क से मिलेगी सुरक्षा
सार्वजनिक स्थानों पर सबसे बड़ा खतरा फर्जी वाई-फाई नेटवर्क (फिशिंग हॉटस्पॉट) का होता है, जहां साइबर अपराधी सरकारी या फ्री वाई-फाई के नाम पर लोगों का पर्सनल डेटा चोरी कर लेते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए दूरसंचार विभाग ने सभी वैध PM-WANI हॉटस्पॉट के ब्रॉडकास्ट नाम (SSID) को एक समान (स्टैंडर्डाइज्ड) करने का निर्देश दिया है। इससे आम नागरिक असली सरकारी नेटवर्क की पहचान आसानी से कर सकेंगे।
दूरसंचार विभाग ने देश के सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs), टेलीकॉम कंपनियों और पब्लिक डेटा ऑफिस एग्रीगेटर्स (PDOAs) को इस तकनीकी अपग्रेड को लागू करने के लिए अगले 8 हफ्तों की अंतिम समय-सीमा जारी की है।
क्या है PM-WANI योजना और कैसे काम करती है?
दिसंबर 2020 में लॉन्च की गई PM-WANI भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल है। इसका मूल उद्देश्य बिना किसी लाइसेंस फीस या भारी-भरकम पंजीकरण शुल्क के देश के छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाना है।
इस योजना के तहत कोई भी छोटा दुकानदार, किराना स्टोर संचालक या चाय विक्रेता अपने कमर्शियल ब्रॉडबैंड कनेक्शन के जरिए ‘पब्लिक डेटा ऑफिस’ (PDO) स्थापित कर सकता है। इसके लिए किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होती। यह मॉडल जहां एक तरफ स्थानीय युवाओं और दुकानदारों को अतिरिक्त आय (स्वरोजगार) का जरिया देता है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय जनता को बेहद सस्ता डेटा ग्रिड उपलब्ध कराता है।
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