15 जुलाई 2026 को गुरु बृहस्पति कर्क राशि में अस्त होने जा रहे हैं। वैदिक ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, शिक्षा, धन, भाग्य, विवाह, संतान और आध्यात्मिक उन्नति का कारक ग्रह माना जाता है। जब गुरु सूर्य के अत्यधिक निकट पहुंचते हैं तो उन्हें अस्त माना जाता है। इस दौरान उनकी शुभ शक्ति कुछ समय के लिए कम मानी जाती है, लेकिन कर्क राशि में होने के कारण उनका सकारात्मक प्रभाव पूरी तरह समाप्त नहीं होता।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में कई लोगों की प्रगति की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन पहले से किए गए प्रयासों का लाभ मिलता रहेगा। खासतौर पर कुछ राशियों के लिए यह समय करियर, शिक्षा, धन और नए अवसरों के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है।
गुरु अस्त होने का क्या असर माना जाता है?
गुरु बृहस्पति जब अस्त होते हैं तो नए कार्यों में अपेक्षा से अधिक समय लग सकता है। हालांकि कर्क राशि में उनकी मजबूत स्थिति के कारण शुभ परिणाम पूरी तरह खत्म नहीं होते। ऐसे समय में धैर्य, सही योजना और लगातार मेहनत को अधिक महत्व दिया जाता है।
वृषभ राशि वालों को मिलेगा करियर में आगे बढ़ने का मौका
वृषभ राशि के लिए गुरु तीसरे भाव में रहेंगे, जो संचार, कौशल और प्रयास का स्थान माना जाता है। लंबे समय से रुके काम दोबारा गति पकड़ सकते हैं। लेखन, मीडिया, मार्केटिंग, शिक्षा और संचार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलने की संभावना है।
बातचीत का प्रभाव बढ़ सकता है और नए कौशल सीखने से भविष्य में करियर मजबूत हो सकता है। उपाय के तौर पर गुरुजनों और परिवार के बुजुर्गों का सम्मान करना शुभ माना गया है।
कन्या राशि की आय और संपर्क बढ़ सकते हैं
कन्या राशि के लिए गुरु ग्यारहवें भाव में प्रभाव डालेंगे। यह भाव आय, लाभ और सामाजिक नेटवर्क से जुड़ा माना जाता है। लंबे समय से रुकी योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ने की संभावना भी बन सकती है।
यदि किसी का पैसा लंबे समय से अटका हुआ है तो उसके मिलने की संभावना भी ज्योतिषीय दृष्टि से व्यक्त की गई है। गुरुवार को पीले रंग की खाद्य वस्तुओं का दान शुभ माना गया है।
तुला राशि वालों को मेहनत का मिलेगा फल
तुला राशि के लिए गुरु दसवें भाव में अस्त होंगे, जो करियर और प्रतिष्ठा का स्थान माना जाता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों और कारोबार करने वालों को थोड़े इंतजार के बाद अच्छे अवसर मिल सकते हैं।
कार्यस्थल पर अनुशासन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बेहतर व्यवहार भविष्य में लाभ दिला सकता है। मेहनत का परिणाम धीरे-धीरे मिलने की संभावना बताई गई है।
वृश्चिक राशि के लिए भाग्य का मिलेगा साथ
वृश्चिक राशि के लिए गुरु नवम भाव में रहेंगे, जिसे भाग्य, उच्च शिक्षा और धार्मिक कार्यों का स्थान माना जाता है। पढ़ाई करने वाले छात्रों और विदेश में शिक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह समय अनुकूल माना गया है।
महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय भाग्य का सहयोग मिलने की संभावना है। गुरुजनों और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना शुभ माना गया है।
मीन राशि के छात्रों और क्रिएटिव प्रोफेशन वालों के लिए अनुकूल समय
मीन राशि के लिए गुरु पंचम भाव में रहेंगे और यह स्थिति शिक्षा, संतान और रचनात्मक कार्यों के लिए सकारात्मक मानी जाती है। छात्रों की पढ़ाई में रुचि बढ़ सकती है और रचनात्मक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को बेहतर प्रदर्शन का अवसर मिल सकता है।
संतान पक्ष से सुख मिलने और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होने के संकेत हैं। गुरुवार को गुरु बीज मंत्र का जाप करना शुभ माना गया है।
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कर्क, मिथुन और मकर राशि पर भी रहेगा प्रभाव
कर्क राशि के जातकों का आत्मविश्वास बढ़ सकता है, हालांकि उन्हें जल्दबाजी से बचकर धैर्य रखना होगा। मिथुन राशि के लोगों की आर्थिक योजना बेहतर हो सकती है और परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मकर राशि वालों के लिए साझेदारी से जुड़े कार्यों में प्रगति के संकेत हैं। स्पष्ट संवाद और समझदारी से लिए गए निर्णय लाभदायक साबित हो सकते हैं।
क्या सभी लोगों पर एक जैसा असर पड़ेगा?
ज्योतिष में किसी भी ग्रह का प्रभाव केवल राशि के आधार पर तय नहीं किया जाता। जन्म कुंडली, ग्रहों की स्थिति, दशा और गोचर जैसे कई अन्य कारक भी अंतिम फल को प्रभावित करते हैं। इसलिए व्यक्तिगत ज्योतिषीय सलाह के लिए विशेषज्ञ से परामर्श लेना अधिक उपयुक्त माना जाता है।
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