Lunar Eclipse : साल का पहला चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि को लगने वाला ज्योतिषीय और वैज्ञानिक दोनों दृष्टियों से यह एक महत्वपूर्ण घटना है। वैज्ञानिकों ने इसे ब्लू मून नाम दिया है, क्योंकि ग्रहण के दौरान चंद्रमा सुर्ख लाल रंग का नजर आएगा, जिसे ब्लड मून भी कहते हैं। इस वर्ष यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा, जिसके कारण इसका सूतक काल भी मान्य होगा और इसका
प्रभाव लोगों के जीवन पर भी पड़ेगा।
चंद्र ग्रहण का समय और सूतक काल
पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि यह चंद्र ग्रहण 7 सितंबर की रात्रि 9 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगा और देर रात एक बजकर 26 मिनट तक चलेगा। इस दौरान, ग्रहण का स्पर्श काल रात 11 बजकर 9 मिनट पर और मोक्ष काल रात 12 बजकर 23 मिनट पर होगा।
चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए सूतक काल भी प्रभावी होगा, जो ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। 7 सितंबर को सूतक काल दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से शुरू हो जाएगा।
आप अपने कार्यों को श्राद्ध पक्ष और चंद्र ग्रहण का संयोग इस बार श्राद्ध पक्ष के पहले ही दिन चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे लोगों के मन में संशय है कि श्राद्ध और तर्पण का समय क्या रहेगा। पंडित विशाल शांडिल्य ने इस विषय पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि 7 सितंबर को सुबह 9 बजकर 57 मिनट से पहले श्राद्ध और तर्पण का कार्य किया जा सकता है, क्योंकि सूतक काल इसके बाद ही शुरू होगा। सूतक में श्राद्ध नहीं किया जाता है, इसलिए शुभ कार्यों को सूतक से पहले ही पूरा कर लेना उचित रहेगा।
शनि की राशि में चंद्र ग्रहण और उसका राशियों पर प्रभाव
यह चंद्र ग्रहण शनि की राशि कुंभ में लगेगा, जिससे शनि साढ़े साती से पीड़ित राशियों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी साबित होगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस ग्रहण का प्रभाव कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ रहेगा।
मेष राशि : मेष राशि वालों के लिए यह चंद्र ग्रहण करियर में खूब लाभ लेकर आएगा। नौकरी में बदलाव के प्रबल योग हैं और आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी।
कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों पर यह ग्रहण मानसिक संतुलन और व्यक्तित्व पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। यह समय आध्यात्मिक साधना और आत्मचिंतन के लिए उत्तम है।
मीन राशि : मीन राशि वालों के लिए भी यह ग्रहण शुभ फलदायी रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और धन प्राप्त करने के कई नए रास्ते खुलेंगे। किसी भी कार्य में की गई मेहनत का फल मिलेगा।
हालांकि, कुछ राशियों जैसे मिथुन, वृश्चिक और कन्या के लिए यह ग्रहण कुछ कष्टप्रद हो सकता है। उन्हें इस दौरान विशेष सावधानी बरतने और मानसिक चिंता से बचने की सलाह दी जाती है। कुल मिलाकर, यह चंद्र ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होने के साथ-साथ, ज्योतिषीय दृष्टि से भी कई लोगों के जीवन में बदलाव लाएगा।
सूतक काल के दौरान सावधानियां
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल के दौरान पृथ्वी का वातावरण दूषित हो जाता है, जिससे अशुभ दोषों का खतरा बढ़ जाता है। इस अवधि में कुछ विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। सूतक काल में पूजा, हवन, यज्ञ, मूर्ति स्थापना और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों से बचना चाहिए। इसके अलावा, भोजन पकाने या खाने की भी मनाही होती है। गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, उन्हें सूई, चाकू या किसी भी नुकीली वस्तु का उपयोग नहीं करना चाहिए।












