Panchak October 2026 (पंचक अक्टूबर 2026) : अक्टूबर 2026 के पंचक 21 अक्टूबर, बुधवार सुबह 7 बजे से शुरू होकर 25 अक्टूबर शाम 7:22 बजे तक प्रभावी रहेंगे। बुधवार से शुरू होने के कारण इसे ज्योतिषीय गणना में दोषमुक्त और सामान्य पंचक माना गया है।
Panchak kab shuru hoga : द्रिक पंचांग के अनुसार 21 अक्टूबर 2026, बुधवार सुबह 7 बजे से पंचक काल प्रारंभ हो गया है, जो 25 अक्टूबर शाम 7 बजकर 22 मिनट तक जारी रहेगा। पांच दिनों की इस अवधि में चंद्रमा का संचरण कुंभ और मीन राशि के अंतर्गत धनिष्ठा के उत्तरार्ध से रेवती नक्षत्र तक रहेगा। सप्ताह के वार के आधार पर बुधवार को पड़ने वाला यह काल सामान्य श्रेणी में रखा जाता है, जिससे आम जनजीवन पर इसका कोई तीव्र प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
पंचक की सटीक अवधि
ज्योतिषीय गणना के अनुसार पंचक 21 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से प्रभावी हुआ है और इसका समापन 25 अक्टूबर को शाम 7:22 बजे होगा। इस दौरान चंद्रमा पांच प्रमुख नक्षत्रों धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती से गुजरता है। इस खगोलीय स्थिति के चलते पारंपरिक व्यवस्था में कुछ विशेष गतिविधियों को सीमित रखने का परामर्श दिया जाता है।
बुधवार का पंचक क्यों दोषमुक्त?
सप्ताह के अलग-अलग दिनों पर शुरू होने वाले पंचक का प्रभाव भिन्न माना जाता है। रविवार को रोग पंचक, सोमवार को राज पंचक, मंगलवार को अग्नि पंचक, शुक्रवार को चोर पंचक और शनिवार को मृत्यु पंचक बनता है। बुधवार और गुरुवार से शुरू होने वाले पंचक को शास्त्रों में दोषमुक्त या सामान्य माना गया है, इसलिए यह अन्य पंचक जितना कठोर नहीं होता।
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पंचक में वर्जित कार्य
धार्मिक नियमों के अनुसार इस पांच दिवसीय अवधि में दक्षिण दिशा की यात्रा करने से पूरी तरह बचना चाहिए। इसके साथ ही नए मकान की छत ढलाई का काम भी इस समयावधि में शुरू करने से परहेज किया जाता है।
तीसरा नियम लकड़ी, सूखी घास या अन्य ज्वलनशील ईंधन को एकत्र न करने का निर्देश देता है। साथ ही चारपाई या पलंग बुनने के काम को भी पंचक समाप्त होने तक टालने की सलाह दी जाती है। #Panchak2026 #AstrologyNews #HaryanaNewsPost
अस्वीकरण: यह खबर धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणना पर आधारित है। हरियाणा न्यूज़ पोस्ट किसी भी दावे का समर्थन नहीं करता है।










