ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

फाल्गुन विनायक चतुर्थी 2026: 21 फरवरी को रखा जाएगा व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा की सही विधि

On: February 20, 2026 11:07 AM
Follow Us:
फाल्गुन विनायक चतुर्थी 2026: 21 फरवरी को रखा जाएगा व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा की सही विधि
Join WhatsApp Group

फाल्गुन विनायक चतुर्थी 2026: हिंदू धर्म में फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व माना जाता है। यह पावन दिन पूरी तरह से विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित होता है। पंचांग के अनुसार, इस बार फाल्गुन विनायक चतुर्थी का मुख्य व्रत 21 फरवरी 2026 को उदयातिथि के आधार पर रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणपति की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।

चतुर्थी तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग गणना के अनुसार चतुर्थी तिथि 20 फरवरी 2026 को दोपहर 02:38 बजे से प्रारंभ हो रही है। इस तिथि का समापन अगले दिन 21 फरवरी 2026 को दोपहर 01:00 बजे होगा। व्रत के दिन भगवान गणेश की पूजा का मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:27 से लेकर दोपहर 01:00 बजे तक रहेगा।

शुक्ल और रवि योग का संयोग

इस बार विनायक चतुर्थी के पावन अवसर पर शुक्ल योग और रवि योग का बेहद शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ये दोनों योग पूजा के फल को कई गुना बढ़ा देते हैं। यह मंगलकारी योग शाम से लेकर पूरी रात तक प्रभावी रहेंगे।

मंगल गोचर से किस राशि पर बढ़ेगा काम का दबाव और खर्च? जानें 6 राशियों के लिए ज्योतिषीय संकेत | mars-transit-2026-gemini-rashi-2-august-effects
मंगल गोचर से किस राशि पर बढ़ेगा काम का दबाव और खर्च? जानें 6 राशियों के लिए ज्योतिषीय संकेत

चंद्र दर्शन रहता है वर्जित

विनायक चतुर्थी के दिन किसी भी परिस्थिति में चंद्र दर्शन को वर्जित माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चंद्रमा को देखने से व्यक्ति पर कलंक लगता है। इसलिए व्रती को रात के समय चंद्रमा की ओर देखने से बचना चाहिए।

विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व

धार्मिक शास्त्रों में विनायक चतुर्थी को संकटों को हरने वाली कल्याणकारी तिथि माना गया है। फाल्गुन मास की यह चतुर्थी नए ऊर्जा और उत्साह के आगमन का सीधा प्रतीक है। इस दिन व्रत रखने से साधक को ज्ञान, बुद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। मानसिक शांति या करियर में बाधाओं का सामना कर रहे लोगों के लिए यह व्रत रामबाण माना जाता है।

गणपति बप्पा की पूजा विधि

सुबह जल्दी स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा को एक लाल कपड़े पर स्थापित करके उनका गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक कराएं। बप्पा को सिंदूर, अक्षत और 21 गांठें दूर्वा की अर्पित करें। अंत में मोदक या लड्डू का भोग लगाकर गणेश चालीसा का पाठ करें और घी के दीपक से आरती संपन्न करें।

गुरु को भगवान के समान सम्मान क्यों दिया जाता है? गुरु पूर्णिमा पर समझें धार्मिक महत्व | guru-purnima-2026-guru-blessings-religious-significance
गुरु को भगवान के समान सम्मान क्यों दिया जाता है? गुरु पूर्णिमा पर समझें धार्मिक महत्व

Budh Dosh Remedies : क्या आप भी भूलने लगे हैं बातें? कहीं आपकी कुंडली में ‘बुध दोष’ तो नहीं

यह सामग्री ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सामान्य सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। Haryana News Post इस जानकारी की पूर्णता, सटीकता या विश्वसनीयता के संबंध में कोई दावा नहीं करता है और न ही किसी प्रकार की जिम्मेदारी स्वीकार करता है। इस आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए पाठक स्वयं उत्तरदायी होंगे।

गुरु पूर्णिमा पर गुरु नहीं हैं तो क्या माता-पिता की पूजा कर सकते हैं? जानें धर्म में क्या है मान्यता | guru-purnima-2026-can-you-worship-parents-as-guru-religious-belief
गुरु पूर्णिमा पर गुरु नहीं हैं तो क्या माता-पिता की पूजा कर सकते हैं? जानें धर्म में क्या है मान्यता

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment