Budh Dosh Remedies Astrology: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मनुष्य के जीवन की दिशा उसकी कुंडली में मौजूद ग्रहों की स्थिति से निर्धारित होती है। नवग्रहों में ‘बुध’ का विशेष स्थान है, जिसे बुद्धि, तर्क और संवाद (Communication) का कारक माना जाता है।
जब किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध प्रसन्न होता है, तो वह अपनी वाणी से सबका दिल जीत लेता है और व्यापार-वाणिज्य में अपार सफलता प्राप्त करता है। इसके विपरीत, यदि कुंडली में ‘बुध दोष’ लग जाए, तो बने-बनाए काम भी बिगड़ने लगते हैं और व्यक्ति को संघर्ष करना पड़ता है।
कुंडली में कब और कैसे बनता है बुध दोष?
ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक, बुध दोष कई प्रकार से निर्मित होता है। यदि आपकी कुंडली में बुध ग्रह मीन राशि (Pisces) में स्थित है, तो इसे ‘नीच’ का माना जाता है, जिससे इसके शुभ प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो जाते हैं। इसके अलावा, यदि बुध पर मंगल, शनि, राहु या केतु जैसे क्रूर ग्रहों की दृष्टि पड़ रही हो या वह इनके साथ युति बना रहा हो, तो भी यह दोष उत्पन्न होता है।
एक अन्य स्थिति तब बनती है जब बुध सूर्य के अत्यधिक करीब आ जाता है। ऐसी स्थिति में वह ‘अस्त’ हो जाता है और अपना सकारात्मक फल देने में असमर्थ रहता है। साथ ही, यदि बुध कुंडली के छठे, आठवें या बारहवें भाव (Trik Bhavas) में बैठा हो, तो इसे अत्यंत कमजोर और दोषपूर्ण माना जाता है।
जीवन में दिखने वाले प्रमुख लक्षण
अगर आपकी कुंडली में बुध कमजोर है, तो आपके दैनिक जीवन में इसके स्पष्ट संकेत दिखाई देते हैं। सबसे प्रमुख लक्षण वाणी में दोष का होना है, जिसमें व्यक्ति अपनी बात सही ढंग से नहीं रख पाता या उसे हकलाने की समस्या हो सकती है। इसके अतिरिक्त, व्यापार में कड़ी मेहनत के बावजूद लगातार घाटा होना या कर्ज का बढ़ना भी बुध की कमजोरी दर्शाता है।
व्यक्ति की याददाश्त कमजोर होने लगती है, जिससे वह पढ़ा हुआ भूल जाता है या सही समय पर उचित निर्णय नहीं ले पाता। स्वास्थ्य की दृष्टि से, बुध का सीधा संबंध हमारी त्वचा से होता है। इसलिए, बार-बार स्किन प्रॉब्लम या एलर्जी होना भी बुध दोष का एक महत्वपूर्ण लक्षण है।
दोष निवारण के लिए ज्योतिषीय उपाय
इस दोष को दूर करने के लिए भगवान गणेश की आराधना को सबसे उत्तम माना गया है। हर बुधवार को गणेश जी को दूर्वा (हरी घास) अर्पित करने से विशेष लाभ मिलता है। रंगों का भी ग्रहों पर गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए बुधवार के दिन हरे रंग के कपड़े पहनें या अपने पास हरा रुमाल रखें।
दान-पुण्य के माध्यम से भी ग्रहों को शांत किया जा सकता है। बुधवार के दिन मूंग की दाल, हरी सब्जियां या हरे वस्त्र किसी जरूरतमंद अथवा ब्राह्मण को दान करें। बुध को मजबूत करने के लिए ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। इसके अलावा, किन्नरों को बुध का प्रतीक माना जाता है, अतः उन्हें दान देकर आशीर्वाद लेना और घर में तुलसी का पौधा लगाकर उसकी सेवा करना भी अचूक उपाय है।
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