ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

तुलसी की माला पहनकर प्याज-लहसुन खाना चाहिए या नहीं?

On: सितम्बर 6, 2026 12:15 अपराह्न
Follow Us:
तुलसी की माला पहनकर प्याज-लहसुन खाना चाहिए या नहीं?
Join WhatsApp Group

Tulsi Mala While Eating Onion Garlic: तुलसी की माला को हिंदू धर्म में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की भक्ति से जोड़कर देखा जाता है। भक्त इसे गले में धारण करके सात्विक जीवन, भक्ति और अच्छे आचरण के संकल्प का प्रतीक मानते हैं। इसी वजह से तुलसी की माला धारण करने वाले व्यक्ति के खान-पान को लेकर भी कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं।

हिंदू धार्मिक परंपराओं में प्याज और लहसुन को आमतौर पर तामसिक भोजन की श्रेणी में रखा जाता है। मान्यता है कि तामसिक आहार से आलस्य, क्रोध और नकारात्मक प्रवृत्तियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, केवल प्याज या लहसुन खाने से व्यक्ति को पाप लग जाता है, ऐसी मान्यता सभी हिंदू परंपराओं में समान नहीं है।

तुलसी की माला पहनने के बाद सात्विक भोजन क्यों माना जाता है जरूरी?

तुलसी की माला धारण करने का धार्मिक भाव केवल गले में माला पहनना नहीं, बल्कि भगवान के प्रति श्रद्धा और सात्विक आचरण से जुड़ा माना जाता है। इसलिए कई संत और वैष्णव परंपराएं माला धारण करने वाले व्यक्ति को भोजन और व्यवहार में संयम रखने की सलाह देती हैं।

प्रेमानंद जी महाराज और अनिरुद्धाचार्य जी जैसे संत भी तुलसी की माला धारण करने के बाद सात्विक भोजन पर जोर देते हैं। हालांकि, अगर किसी व्यक्ति से आदत या किसी परिस्थिति के कारण प्याज-लहसुन का सेवन हो जाए, तो इसे बहुत बड़ा पाप मानने की बात भी हर धार्मिक परंपरा में नहीं मिलती।

प्याज-लहसुन खाते समय तुलसी की माला उतारनी चाहिए?

इस सवाल का जवाब धार्मिक परंपरा के अनुसार अलग-अलग मिलता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति प्याज-लहसुन या अन्य तामसिक भोजन कर रहा है तो भोजन के समय तुलसी की माला उतार सकता है। भोजन समाप्त करने के बाद हाथ-मुंह धोकर माला दोबारा धारण करने की परंपरा बताई जाती है।

सूर्य गोचर 2026: कन्या राशि में सूर्य के प्रवेश से इन 3 राशियों को मिल सकता है फायदा
सूर्य गोचर 2026: कन्या राशि में सूर्य के प्रवेश से इन 3 राशियों को मिल सकता है फायदा

वहीं, कुछ शास्त्रीय और वैष्णव परंपराओं में तुलसी की माला को शरीर से न उतारने की बात कही गई है। इसलिए इस विषय में अपने परिवार, गुरु या जिस धार्मिक परंपरा का व्यक्ति पालन करता है, उसके नियम को प्राथमिकता देना उचित माना जाता है।

हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: सूर्य गोचर 2026: कन्या राशि में सूर्य के प्रवेश से इन 3 राशियों को मिल सकता है फायदा

क्या सोते समय तुलसी की माला पहन सकते हैं?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी की माला पहनकर सोया जा सकता है। कई भक्त इसे रात में भी गले में धारण किए रहते हैं और इसे तुलसी की पवित्रता से जोड़ते हैं।

वैष्णव परंपराओं में तुलसी को भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की भक्ति से विशेष रूप से जोड़ा जाता है। इसलिए माला को लगातार धारण करने वाले भक्त इसे सोते समय भी नहीं उतारते।

क्या मासिक धर्म के दौरान तुलसी की माला पहन सकते हैं?

मासिक धर्म के दौरान तुलसी की माला पहनने को लेकर भी अलग-अलग धार्मिक परंपराएं हैं। दी गई मान्यता के अनुसार, महिलाओं को इस दौरान गले में पहनी तुलसी की माला उतारने की जरूरत नहीं है और इसे पहने रखा जा सकता है।

7 सितंबर को कन्या राशि में जाएंगे बुध, तुला-कुंभ-मीन वालों को इन मामलों में रहना होगा सावधान
7 सितंबर को कन्या राशि में जाएंगे बुध, तुला-कुंभ-मीन वालों को इन मामलों में रहना होगा सावधान

इस मान्यता में तुलसी को स्वयं पवित्र और देवी स्वरूप माना जाता है। हालांकि, मासिक धर्म से जुड़े धार्मिक नियम परिवार और परंपरा के अनुसार अलग हो सकते हैं, इसलिए इसे लेकर एक ही नियम सभी पर लागू नहीं किया जा सकता।

नहाते समय तुलसी की माला उतारनी चाहिए?

कई धार्मिक परंपराओं में नहाते समय तुलसी की माला या कंठी उतारने की सलाह दी जाती है। इसका एक कारण माला की सुरक्षा भी है, क्योंकि पानी और साबुन के संपर्क से तुलसी की लकड़ी खराब हो सकती है।

ऐसी परंपरा मानने वाले लोग स्नान से पहले माला उतारकर उसे साफ और सम्मानजनक स्थान पर रखते हैं। स्नान के बाद शरीर और हाथ साफ करने के बाद माला दोबारा धारण की जाती है।

तुलसी की माला पहनकर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

तुलसी की माला धारण करने वाले व्यक्ति को धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मांस, मछली, अंडे और मदिरा जैसे तामसिक आहार से दूर रहने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा झूठ बोलने, हिंसा करने, अत्यधिक क्रोध और अनैतिक आचरण से बचने पर भी जोर दिया जाता है।

माला को गंदे हाथों से छूने और जमीन पर रखने से बचने की परंपरा है। शौचालय या श्मशान घाट जैसी जगहों को लेकर भी कुछ धार्मिक परंपराओं में माला उतारने की मान्यता है।

शनिवार को घर में शनिदेव की आरती करनी चाहिए या नहीं? जानें पूजा का सही तरीका
शनिवार को घर में शनिदेव की आरती करनी चाहिए या नहीं? जानें पूजा का सही तरीका

तुलसी की माला और रुद्राक्ष को एक साथ पहनने को लेकर भी अलग-अलग मान्यताएं मिलती हैं। कुछ ज्योतिषीय मान्यताएं दोनों को एक साथ धारण करने से बचने की सलाह देती हैं, इसलिए ऐसा करने से पहले अपनी धार्मिक परंपरा के जानकार से सलाह लेना उचित माना जाता है।

तुलसी की माला को लेकर सबसे जरूरी बात

तुलसी की माला से जुड़े नियम सभी हिंदू समुदायों में एक जैसे नहीं हैं। वैष्णव, पारिवारिक और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार इनके पालन का तरीका बदल सकता है। इसलिए प्याज-लहसुन खाने, स्नान करने, सोने या मासिक धर्म के दौरान माला पहनने को लेकर किसी एक नियम को सभी लोगों पर लागू करना सही नहीं होगा।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment