Electric car charging is now heavy on the pocket: 85% higher bill at night in Kerala, know the new rule: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को पर्यावरण के अनुकूल और किफायती मानकर खरीदने वालों के लिए एक चौंकाने वाली खबर है। केरल में अब रात में इलेक्ट्रिक कार चार्ज करना दिन की तुलना में 85% महंगा हो गया है। केरल राज्य विद्युत नियामक आयोग ने ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD) बिलिंग के नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत चार्जिंग की लागत समय के आधार पर बदल रही है। यह बदलाव उन लोगों के लिए झटका हो सकता है, जो ईंधन की बचत के लिए इलेक्ट्रिक कार का रुख कर रहे हैं। आइए, इस नए नियम और इसके प्रभाव को विस्तार से समझते हैं।
Electric car charging नया नियम: दिन और रात में अलग-अलग दरें
केरल राज्य विद्युत नियामक आयोग ने इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए समय को दो जोन में बांटा है—‘सोलर पीरियड’ और ‘नॉन-सोलर पीरियड’। सोलर पीरियड सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक है, जब सौर ऊर्जा का उपयोग अधिक होता है। इस दौरान पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों पर सामान्य बिजली दर से 30% कम शुल्क देना होगा। वहीं, नॉन-सोलर पीरियड शाम 4 बजे से सुबह 9 बजे तक है, जिसमें सामान्य दर से 30% ज्यादा शुल्क लिया जाएगा।
इसे आसान भाषा में समझें: अगर सामान्य दर 100 रुपये प्रति यूनिट है, तो सोलर पीरियड में आपको 70 रुपये देने होंगे, लेकिन नॉन-सोलर पीरियड में यह राशि 130 रुपये हो जाएगी। यानी, रात में चार्जिंग की लागत दिन की तुलना में 85% ज्यादा होगी। यह नियम खासकर उन लोगों को प्रभावित करेगा, जो रात में घर या पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों पर अपनी गाड़ी चार्ज करते हैं।
क्यों बदले नियम? सरकार का मकसद
केरल सरकार का यह कदम रात में इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग को हतोत्साहित करने की दिशा में है। रात में बिजली की मांग आमतौर पर कम होती है, लेकिन EV चार्जिंग की बढ़ती मांग ने ग्रिड पर दबाव बढ़ा दिया है। सौर ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ाने और दिन में चार्जिंग को प्रोत्साहित करने के लिए यह नया टाइम-ऑफ-डे नियम लाया गया है। केंद्र सरकार ने हाल ही में EV चार्जिंग स्टेशनों के संचालन के लिए नई गाइडलाइंस जारी की थीं, जिसके आधार पर केरल ने यह बदलाव किया है। पहले केरल में तीन टाइम जोन (सुबह 6 से शाम 6, शाम 6 से रात 10, और रात 10 से सुबह 6) में बिलिंग होती थी, लेकिन अब इसे दो जोन में सरल कर दिया गया है।
यूजर्स पर क्या होगा असर?
यह नया नियम उन EV मालिकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जो रात में चार्जिंग को प्राथमिकता देते हैं। रात में चार्जिंग न केवल सुविधाजनक होती है, बल्कि कई लोग इसे इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि दिन में वे गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब 85% अतिरिक्त लागत के कारण कई लोग दिन में चार्जिंग की ओर रुख कर सकते हैं। दूसरी ओर, सोलर पीरियड में 30% कम दरें उन लोगों के लिए फायदेमंद हैं, जो दिन में चार्जिंग की व्यवस्था कर सकते हैं। हालांकि, जिनके पास घर पर सोलर पैनल नहीं हैं या जो पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों पर निर्भर हैं, उनके लिए यह बदलाव बजट पर असर डाल सकता है।
भविष्य में क्या?
केरल का यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण हो सकता है। जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ रही है, बिजली ग्रिड पर संतुलन बनाए रखना ज़रूरी हो गया है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और रात में बिजली की खपत को कम करना सरकार की प्राथमिकता है। लेकिन EV यूजर्स को इस बदलाव के लिए तैयार रहना होगा। अगर आप इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो चार्जिंग की लागत और समय के नियमों को ध्यान में रखें।
क्या करें EV मालिक?
अगर आप केरल में इलेक्ट्रिक कार यूजर हैं, तो कुछ उपाय आपके खर्च को कम कर सकते हैं। कोशिश करें कि अपनी गाड़ी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच चार्ज करें, ताकि कम दरों का फायदा मिले। अगर आपके पास घर पर सोलर पैनल हैं, तो दिन में चार्जिंग और भी किफायती हो सकती है। इसके अलावा, चार्जिंग स्टेशनों की दरों की तुलना करें और ऐसे स्टेशन चुनें, जो सोलर पीरियड में बेहतर ऑफर देते हों। सरकार की इस नीति का मकसद पर्यावरण को लाभ पहुंचाना है, लेकिन यूजर्स को अपनी आदतों में बदलाव करना होगा।










