Amarnath Yatra 2025 Starting from July 3, Chandigarh organizations will organize 38 days of Bhandara: अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है। शहर से इस यात्रा के दौरान भंडारा लगाने वाली दो संस्थाओं ने यात्रा शुरू होने से पहले वहां जाकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। संस्थाओं के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्षों से वे बालटाल में 24 घंटे सातों दिन भंडारा लगाते आ रहे हैं। इस बार पहले से भी अच्छे इंतजाम के साथ वहां जा रहे हैं।
Amarnath Yatra 2025: चंडीगढ़ की संस्थाएं लगाएंगी भंडारा
शहर से दो बड़ी संस्थाएं गौरी शंकर सेवा दल, और शिव पार्वती सेवा दल दो बड़े दल हैं। पूरी यात्रा के दौरान इनका यहां भंडारा चलता है। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए सभी जरूरी सुविधाएं निशुक्ल मुहैया करवाई जाती हैं। गौरी शंकर सेवा दल के प्रेसिडेंट रमेश कुमार निक्कू ने बताया वीरवार को एक जत्था चंडीगढ़ से बालटाल के रवाना हो रहा है। 6 ट्रकों में सामान जा रहा है।
इसके अलावा 2 मिनी पिकअप जा रही है। 8-10 छोटी गाड़ियां भी जत्थे के साथ रवाना हो रही है। संस्था के 35 सेवादार वहां ड्यूटी करेंगे। सेवादार रोटेशन पर आते-जाते रहेंगे। उन्होंने बताया कि भंडारा स्थल पर एक दिन में 300 यात्रियों की ठहरने और खाने का इंतजाम किया गया है।
जहां पर संस्था का शेड लगेगा वहां से बाबा बर्फानी गुफा 14 किमी की दूरी पर है। यहां पर यात्रियों के लिए गर्म पानी, जरूरी दवाएं, पैरों की मालिश आदि का इंतजाम किया जाएगा। इस बार मिठाई के काउंटर लगाए जा रहे हैं। जो भी यात्री काउंटर में देखकर जो भी मिठाई पसंद करेगा।
उसे वह दी जाएगी। भंडारा 38 दिन तक चलेगा। निक्कू ने बताया कि कल जो जत्था जाएगा वह वहां पर शेड, खाना बनाने के लिए किचन और राशन आदि की व्यवस्था करेगा। इसका मकसद यह है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी की जा सकें।
भंडारा स्थल पर शेड बनाने का काम शुरू
शिव पार्वती सेवा दल के राजेंद्र सामंत ने बताया कि उनका पहला जत्था मंगलवार को बालटाल के लिए रवाना हो चुका है। इसमें 4 ट्रकों में सामान गया है। इसके अलावा कंगन में जहां उनका भंडारे का शेड बनता है। उसके साथ ही चिरायमान में उनका एक गोदाम है।
वहां पर भी शेड व अन्य सामान स्टोर होता है। वहां से सामान लाकर यहां पर भंडारा स्थल पर शेड आदि बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि करीब 70 लोग संस्था की ओर से काम के लिए ले जाए रहे हैं। इसके अलवा 25-30 वॉलंटियर 24 घंटे भंडारा चलाएंगे।
उन्होंने बताया कि जहां से अमरनाथ के लिए हेलीकॉप्टर चलता है उसके नजदीक ही दल का भंडारा लगता है। 24 घंटे भंडारा बनाने के लिए 20 लोग राउंड द क्लॉक सेवा करेंगे। भंडारा 38 दिन लगातार चलेगा।
विश्व मानव रुहानी केंद्र मेडिकल कैंप लगाएगा
विश्व मानव रुहानी केंद्र पंचकूला की ओर से भी बालटाल और चंदनवाड़ी में मेडिकल कैंप और 4 एंबुलेंस सर्विस चलाई जाएंगी। इसके अलावा दुमेल से बालटाल के बीच शटल बस सर्विस चलाई। केंद्र सेवादारों के अनुसार यात्रा से वापस आने के बाद यात्री थक जाते हैं, उन्हें बेस कैंप तक लाने के लिए यह शटल बस चलाई जाएगी।
वहीं पहलगाम की तरफ भी इस 2 एंबुलेंस चलाई जाएंगी। संस्था की दो मेडिकल कैंप पूरी यात्रा के दौरान लागए जाते हैं। इनमें एक दुमेल और दूसरा गुफा से 5 किमी पहले स्थित बराड़ी टाप पर कैंप लगेगा। अचानक किसी यात्री की तबीयत बिगड़ने पर बालटाल बेस कैंप तक एंबुलेंस से लाया जाएगा।
पहले स्ट्रेचर से लाने में 3 घंटे लगते थे, अब 40 मिनट में बेस कैंप में उन्हें पहुंचाकर इलाज शुरू करवा देते हैं। 40 सेवादार दिन रात सेवा करेंगे। केंद्र का जत्था 22 को रवाना हो रहा है।











