अंबाला . हरियाणा में प्रॉपर्टी खरीदने का सपना देखने वालों और अवैध कॉलोनियों के जाल में फंसने वाले आम लोगों के लिए नायब सैनी सरकार ने होली पर एक बड़ी सौगात दी है। परिवहन एवं बिजली मंत्री अनिल विज ने अंबाला कैंट की जनता को खुशखबरी देते हुए ऐलान किया है कि यहां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) 7 नए सेक्टर विकसित करेगा। करीब 1000 एकड़ जमीन पर बनने वाले इन नए सेक्टरों से अंबाला कैंट का दायरा सीधे रिंग रोड तक बढ़ जाएगा। इससे शहरवासियों को सस्ती दरों पर रिहायशी मकान और सभी आधुनिक सुविधाएं आसानी से मिलेंगी।
अंबाला कैंट जल्द बनेगा मेट्रो सिटी
इन 7 नए सेक्टरों के निर्माण से अंबाला कैंट आने वाले समय में एक मेट्रो शहर का रूप ले लेगा। HSVP ने नए सेक्टर विकसित करने की आधिकारिक प्रक्रिया तेज कर दी है। कैबिनेट मंत्री विज ने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य अवैध कॉलोनियों के मकड़जाल को जड़ से खत्म करना है। अक्सर आम आदमी अपनी जीवनभर की गाढ़ी कमाई ऐसी अवैध कॉलोनियों में लगाकर बर्बाद कर देता है। अब HSVP के इन नए सेक्टरों में लोगों को पूरी कानूनी सुरक्षा के साथ प्लॉट और मकान मिलेंगे।
इन सुविधाओं के साथ खुलेंगे रोजगार के अवसर
नए सेक्टरों के विस्तार से अंबाला कैंट का नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा। मंत्री अनिल विज के मुताबिक, प्रस्तावित सेक्टरों में सेक्टर- 27, 28, 36, 40, 40A, 41A और 42 शामिल हैं। इन इलाकों में सिर्फ रिहायशी प्लॉट ही नहीं कटेंगे, बल्कि ओपन स्पेस, कमर्शियल जोन और ट्रांसपोर्ट सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही एक नया औद्योगिक क्षेत्र बनने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इन 14 गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण
प्रस्तावित नए सेक्टरों को अंबाला कैंट के 14 गांवों की जमीन पर बसाया जाएगा। इनमें घसीटपुर, बुहावा, शाहपुर, ब्राह्मण माजरा, करधान, सरसेहड़ी, चंदपुरा, मच्छौंडा, उगाड़ा, दुखेड़ी, सलारहेड़ी, रांवला, मंगलई और सम्भालखां गांव शामिल हैं। विकास कार्यों के लिए जमीन अधिग्रहण की इस पूरी प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी रखा गया है ताकि किसी भी किसान के साथ कोई अन्याय न हो।
ई-भूमि पोर्टल पर 30 अप्रैल तक करें आवेदन
किसानों को उनकी जमीन का उचित और लाभकारी मूल्य देने के लिए प्रदेश सरकार ने ई-भूमि पोर्टल खोल दिया है। जो भी किसान अपनी मर्जी से इन प्रस्तावित सेक्टरों के लिए अपनी जमीन सरकार को बेचना चाहते हैं, वे सीधे पोर्टल पर जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तय की गई है। सरकार की इस पारदर्शी ई-भूमि नीति से किसानों को बिचौलियों से पूरी तरह छुटकारा मिलेगा।
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