Big relief for 13 villages in Jind: Shift to Julana and Narwana tehsil, time and money will be saved: हरियाणा के जींद जिले के 13 गांवों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन ने इन गांवों को नई तहसीलों के साथ जोड़ने का फैसला किया है,
जिससे ग्रामीणों को जमीन से जुड़े कामों के लिए अब कम दूरी तय करनी पड़ेगी। इसमें 11 गांवों को जींद तहसील से हटाकर जुलाना तहसील में शामिल किया गया है, जबकि दो गांव, बड़नपुर और सुंदरपुरा, को उचाना तहसील से वापस नरवाना तहसील के साथ जोड़ा गया है। इस बदलाव से ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बचेगा, और उनकी बरसों पुरानी परेशानी का समाधान होगा।
बड़नपुर और सुंदरपुरा की जीत Julana and Narwana tehsil
बड़नपुर और सुंदरपुरा गांव के लोग लंबे समय से अपनी तहसील को नरवाना में वापस जोड़ने की मांग कर रहे थे। पहले इन गांवों को उचाना तहसील में शामिल किया गया था, जिसके कारण ग्रामीणों को जमीन के रिकॉर्ड और अन्य प्रशासनिक कामों के लिए 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी।
इस परेशानी से तंग आकर दोनों गांवों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। उनकी मांग को देखते हुए प्रशासन ने अब इन गांवों को वापस नरवाना तहसील से जोड़ दिया है। इससे ग्रामीणों को नजदीकी तहसील में ही सेवाएं मिलेंगी, जिससे समय और पैसे की बर्बादी रुकेगी।
जुलाना तहसील में शामिल 11 गांव
जींद तहसील से अलग कर 11 गांवों को जुलाना तहसील के साथ जोड़ा गया है। इनमें बराड़ खेड़ा, किनाना, शामलो खुर्द, खेमा खेड़ी, शामलो कलां, रामकली, पड़ाना, ढिगाना, भैरो खेड़ा, ललित खेड़ा और निडाना शामिल हैं। इन गांवों का जमीनी रिकॉर्ड अब जुलाना तहसील में स्थानांतरित कर दिया गया है।
यह कदम ग्रामीणों के लिए प्रशासनिक सेवाओं को और सुलभ बनाएगा, क्योंकि जुलाना उनके लिए अधिक नजदीकी और सुविधाजनक है।
ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत
इस प्रशासनिक बदलाव से जींद जिले के इन 13 गांवों के निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। पहले लंबी दूरी तय करने और समय की बर्बादी से परेशान ग्रामीण अब नजदीकी तहसील में ही अपने काम निपटा सकेंगे।
खासकर बड़नपुर और सुंदरपुरा के लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि उनकी बरसों पुरानी मांग पूरी हुई है। यह कदम न केवल ग्रामीणों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि प्रशासन के प्रति उनका भरोसा भी मजबूत करेगा।
भविष्य की संभावनाएं
यह फैसला ग्रामीणों की मांगों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। भविष्य में भी ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि प्रशासनिक सेवाएं और अधिक सुलभ हों। ग्रामीणों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जमीनी दस्तावेजों को अपडेट रखें और नई तहसील में रिकॉर्ड स्थानांतरण की प्रक्रिया की जानकारी ले लें। यह बदलाव जींद के इन गांवों के लिए एक नई शुरुआत है।











