Chandigarh Housing Board notice eviction threat on 100 flats, pay dues in 14 days or else flat will be cancelled: चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड नोटिस 2025 (Chandigarh Housing Board Notice 2025) ने स्मॉल फ्लैट योजना के तहत बकाया लाइसेंस फीस (license fee) न चुकाने वाले 100 से अधिक अलॉटियों को कड़ा संदेश दिया है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) ने इन अलॉटियों को 14 दिन का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अगर बकाया राशि और जवाब समय पर नहीं दिया गया, तो फ्लैट खाली कराने की कार्रवाई होगी। यह कदम उन गरीब परिवारों के लिए चेतावनी है, जो वर्षों से मासिक किश्त नहीं चुका रहे। आइए, इस कार्रवाई की पूरी जानकारी समझें।
Chandigarh Housing Board notice: स्मॉल फ्लैट योजना और नियम
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) ने 2006 में स्मॉल फ्लैट योजना (small flat scheme) शुरू की थी। इसका मकसद कच्ची कॉलोनियों के गरीब परिवारों को किफायती आवास देना था। इस योजना के तहत 18,138 फ्लैट और 2,000 किफायती किराया आवास आवंटित किए गए। नियमों के अनुसार, अलॉटियों को हर महीने न्यूनतम 800 रुपये की किश्त (monthly installment) देनी थी, जो समय के साथ बढ़ी। साथ ही, फ्लैट बेचने या किराए पर देने की मनाही थी। बावजूद इसके, कई अलॉटी नियम तोड़ रहे हैं।
बेदखली नोटिस और कार्रवाई
हाउसिंग बोर्ड ने हरियाणा हाउसिंग बोर्ड अधिनियम की धारा 51(1) के तहत 100 से अधिक डिफॉल्टरों को नोटिस भेजा है। इन पर लाखों रुपये बकाया हैं। नोटिस में 14 दिन में जवाब और बकाया भुगतान (outstanding payment) मांगा गया है। जिन अलॉटियों तक नोटिस नहीं पहुंचा, उनके फ्लैटों के बाहर नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं। 2024 में भी बोर्ड ने 15 फ्लैटों का लाइसेंस रद्द (license cancellation) किया था, जब अलॉटियों ने भुगतान नहीं किया। यह कार्रवाई डिफॉल्टरों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए है।
क्यों हो रही है सख्ती?
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड का कहना है कि बकाया राशि से योजना की वित्तीय स्थिरता प्रभावित होती है। नियमित भुगतान न होने से बोर्ड को नए आवास प्रोजेक्ट शुरू करने में दिक्कत होती है। इसलिए, डिफॉल्टरों पर सख्ती जरूरी है। बोर्ड की वेबसाइट पर बकायादारों की सूची अपडेट की जाती है। अलॉटी ऑनलाइन या संपर्क केंद्रों पर भुगतान (online payment) कर सकते हैं। यह पारदर्शी प्रक्रिया अलॉटियों को सुविधा और जवाबदेही दोनों देती है।
अलॉटियों के लिए जरूरी सलाह
अलॉटियों को सलाह है कि वे तुरंत बकाया राशि चुकाएं। बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर बकाया राशि की जानकारी लें। समय सीमा में जवाब न देने पर फ्लैट रद्द हो सकता है। अगर नोटिस मिला है, तो तुरंत संपर्क केंद्र से मदद लें। बोर्ड ने साफ किया है कि नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह कदम न केवल अनुशासन बनाए रखेगा, बल्कि दूसरों को भी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेगा।
यह कार्रवाई चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। किफायती आवास योजना (affordable housing) का लाभ केवल नियमों का पालन करने वालों को मिलेगा। अलॉटियों को समय पर भुगतान और नियमों का पालन करना चाहिए। यह न केवल उनके हित में है, बल्कि शहर के अन्य जरूरतमंद परिवारों के लिए भी नए अवसर खोलेगा। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की यह पहल पारदर्शिता और जिम्मेदारी की मिसाल है।













