Chandigarh PGI-PU Underpass Rs 11 crore approved, relief from traffic: चंडीगढ़ पीजीआई और पीयू अंडरपास का इंतजार अब खत्म होने वाला है! यूटी प्रशासन ने इस बहुप्रतीक्षित अंडरपास के लिए 11 करोड़ रुपये के बजट को हरी झंडी दे दी है। ये प्रोजेक्ट पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) और PGI को जोड़ेगा, जिससे हजारों छात्रों, मरीजों और राहगीरों को तेज रफ्तार ट्रैफिक के बीच सड़क पार करने की टेंशन से छुटकारा मिलेगा। लेकिन लागत पहले के 7 करोड़ से बढ़कर 11 करोड़ कैसे हो गई? और इसमें क्या-क्या खास होगा? आइए, Chandigarh PGI-PU Underpass की पूरी कहानी जानते हैं!
Chandigarh PGI-PU Underpass: अंडरपास की खासियत
ये अंडरपास कोई आम रास्ता नहीं, बल्कि चंडीगढ़ का नया गौरव बनने जा रहा है। 15.7 मीटर चौड़ा और 32.77 मीटर लंबा ये अंडरपास सेक्टर-17 के रोज गार्डन अंडरपास से भी बड़ा होगा। दोनों तरफ 2.5×2.5 मीटर की 8 दुकानें (underpass shops) बनेंगी, जो इसे और भी खास बनाएंगी। पहले 20 दुकानों का प्लान था, लेकिन हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी ने सिर्फ 8 को मंजूरी दी। ये दुकानें न सिर्फ सुविधा बढ़ाएंगी, बल्कि लोकल बिजनेस को भी बूस्ट करेंगी। निर्माण के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था (traffic management) बिगड़े न, इसके लिए ऑप्शनल रूट तैयार हैं। जल्द ही टेंडर जारी होगा, और काम शुरू होने की उम्मीद है।
छात्रों और मरीजों को राहत
चंडीगढ़ पीजीआई और पीयू अंडरपास PU बस स्टॉप और PGI के मुख्य गेट के बीच बनेगा। इस रास्ते पर रोजाना हजारों लोग आते-जाते हैं। तेज गाड़ियों के बीच सड़क पार करना किसी जंग से कम नहीं। कई बार हादसे (road accidents) भी हो चुके हैं। इसीलिए लंबे समय से अंडरपास की मांग थी। अब ये प्रोजेक्ट छात्रों, मरीजों और आम लोगों के लिए वरदान साबित होगा। खासकर PGI आने वाले मरीजों और PU के स्टूडेंट्स को सुरक्षित रास्ता (safe passage) मिलेगा। ये अंडरपास न सिर्फ समय बचाएगा, बल्कि जानमाल की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा।
4 करोड़ का अतिरिक्त बोझ
इस प्रोजेक्ट को 2019 में मंजूरी मिली थी, लेकिन फाइलें दफ्तरों में धूल खाती रहीं। जमीन अधिग्रहण (land acquisition) में अड़चनें आईं। पहले 80 स्क्वायर फीट जमीन चाहिए थी, लेकिन सिर्फ 60 स्क्वायर फीट मिली। हेरिटेज कमेटी की मंजूरी में भी एक साल लग गया। सितंबर 2024 में कंसल्टेंसी हायर हुई, और मार्च 2025 में फाइनल प्लान को हरी झंडी मिली। इन देरियों की वजह से लागत 7 करोड़ से बढ़कर 11 करोड़ (budget increase) हो गई। अब बजट पास हो चुका है, और उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण शुरू होगा। लेकिन सवाल ये है क्या ये प्रोजेक्ट समय पर पूरा होगा?
यह सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि चंडीगढ़ के विकास की नई कहानी है। ये प्रोजेक्ट शहर की ट्रैफिक समस्या (traffic solution) को हल करने के साथ-साथ लोगों की जिंदगी आसान बनाएगा। निर्माण के दौरान थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन वैकल्पिक रास्तों की जानकारी पहले दे दी जाएगी। ये अंडरपास चंडीगढ़ की शान बढ़ाएगा और PU-PGI के बीच की दूरी को और करीब लाएगा।













