Consumer Compensation Haryana: Haryana Right to Service Commission decision, officer will have to pay compensation to consumer: हरियाणा राइट टू सर्विस आयोग फैसला ने एक बिजली उपभोक्ता के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए संबंधित अधिकारी के जून महीने के वेतन से ₹6000 की कटौती का निर्देश दिया है। (HRTS decision) यह फैसला रोहतक जिले के उस उपभोक्ता की शिकायत पर आया है, जिसे महीनों गलत बिलों का सामना करना पड़ा। (Rohtak electricity issue)
जांच में सामने आया कि बिजली विभाग ने 11 जून 2023 को मीटर बदलने के आदेश तो दिए, लेकिन गलत बिल लगातार जारी किए गए। (meter error Haryana) शिकायतें करने और ऑफिस के कई चक्कर लगाने के बावजूद समस्या हल नहीं हो सकी। अंततः आयोग के हस्तक्षेप के बाद ही बिलों की गलती सुधरी। (wrong bill Haryana)
ऑटो अपील प्रणाली ने दिलाई न्याय Consumer Compensation Haryana
हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग द्वारा शुरू की गई ऑटो अपील प्रणाली से उपभोक्ता को न्याय मिला। (auto appeal system) खास बात यह रही कि उपभोक्ता अशिक्षित था और उसका बेटा केवल 12वीं पास है। इसके बावजूद वे बिना अतिरिक्त खर्च के अपनी शिकायत दर्ज करा पाए। आयोग के हस्तक्षेप के बाद ₹16,330 की राशि का भुगतान हुआ। (consumer compensation Haryana)
यह मामला दर्शाता है कि हरियाणा में अब उपभोक्ताओं की आवाज को गंभीरता से लिया जा रहा है। आयोग ने भी यह माना कि इतने सीधे-साधे मामले को पहले ही हल कर लेना चाहिए था।
अधिकारी के वेतन से कटौती और चेतावनी
हरियाणा राइट टू सर्विस आयोग फैसला में दोषी लेखा अधिकारी पर ₹1000 जुर्माना और ₹5000 का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। (officer penalty Haryana) ये राशि जून 2025 के वेतन से काटी जाएगी। साथ ही, द्वितीय और प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी को सलाह दी गई है कि वे भविष्य में उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लें और समय पर हल करें। (Haryana right to service)
इस फैसले से न केवल उपभोक्ताओं में विश्वास बढ़ेगा, बल्कि विभागीय अधिकारियों को भी पारदर्शिता के साथ काम करने का संदेश मिलेगा।










