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Ekadashi July 2025: जुलाई 2025 में एकादशी कब है? आषाढ़ी और कामिका एकादशी की तारीख, समय और पूजा विधि

On: जून 28, 2025 6:36 अपराह्न
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Ekadashi July 2025: जुलाई 2025 में एकादशी कब है? आषाढ़ी और कामिका एकादशी की तारीख, समय और पूजा विधि
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Ekadashi July 2025 date and time devshayani ekadashi kamika ekadashi kab hai tithi samay paran time in Hindi: एकादशी जुलाई 2025 का इंतजार हर भक्त को बेसब्री से रहता है, और इस बार जुलाई में दो खास एकादशी व्रत भगवान विष्णु के भक्तों का मन मोहने वाले हैं! आषाढ़ी एकादशी और कामिका एकादशी, दोनों ही अपने आध्यात्मिक महत्व के लिए जानी जाती हैं। चाहे आप भक्ति में डूबना चाहते हों या अपने जीवन में सुख-शांति की कामना करते हों, ये व्रत आपके लिए खास हैं। आइए, इन पवित्र तिथियों, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि की पूरी जानकारी लेते हैं और जानते हैं कि कैसे ये व्रत आपके लिए बन सकते हैं आशीर्वाद का खजाना!

Ekadashi July 2025: आषाढ़ी एकादशी

एकादशी जुलाई 2025 में पहली तारीख है 6 जुलाई, रविवार, जब आषाढ़ी एकादशी, यानी देवशयनी एकादशी मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। यह व्रत शुक्ल पक्ष में सुबह 1:02 बजे शुरू होगा और रात 11:25 बजे तक रहेगा। पारण का समय अगले दिन, 7 जुलाई को सुबह 5:37 से 8:19 बजे तक है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस व्रत को रखने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

कामिका एकादशी

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जुलाई की दूसरी एकादशी है कामिका एकादशी, जो 20 जुलाई 2025, रविवार को कृष्ण पक्ष में मनाई जाएगी। यह तिथि 19 जुलाई की रात 10:38 बजे शुरू होगी और 20 जुलाई की रात 8:33 बजे खत्म होगी। पारण का समय 21 जुलाई को सुबह 5:37 से 8:18 बजे तक रहेगा। कामिका एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को प्रसन्न करने और जीवन के कष्टों को दूर करने का खास मौका है। इस दिन व्रत और पूजा से मन शांत होता है और आत्मिक शुद्धि मिलती है।

एकादशी व्रत की विधि

एकादशी जुलाई 2025 के व्रत को सही विधि से रखना बेहद जरूरी है। व्रत से एक दिन पहले सात्विक भोजन करें और मन को शुद्ध रखें। एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु का संकल्प लें। फलाहार या सात्विक भोजन ही लें। भगवान विष्णु की मूर्ति को पीले वस्त्र, तुलसी, फूल, चंदन, धूप और दीप से सजाएं। विष्णु सहस्रनाम या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। एकादशी व्रत कथा पढ़ें और अगले दिन सुबह दान-पुण्य कर व्रत का पारण करें।

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क्यों खास है एकादशी का व्रत?

एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की भक्ति का प्रतीक है। यह न सिर्फ आध्यात्मिक शांति देता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। एकादशी जुलाई 2025 में आषाढ़ी और कामिका एकादशी का विशेष महत्व है, क्योंकि ये व्रत जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। भक्तों का मानना है कि इन व्रतों से भगवान विष्णु की कृपा मिलती है और जीवन के सारे संकट दूर होते हैं। तो, इस जुलाई अपने परिवार के साथ इस पवित्र व्रत को जरूर रखें!

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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