दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 की शुरुआत 10 जनवरी से राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में होने जा रही है। यह नौ दिवसीय आयोजन पहले से कहीं अधिक बड़े स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश और दुनिया के हजारों प्रकाशक, लेखक और पाठक एक मंच पर नजर आएंगे। इस बार मेला खास इसलिए भी है क्योंकि सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश पूरी तरह मुफ्त रखा गया है।
आयोजकों के अनुसार, इस फैसले का मकसद किताबों को हर वर्ग तक पहुंचाना और पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
मेले का आकार और भागीदारी पहले से ज्यादा बड़ी
इस बार के विश्व पुस्तक मेले में करीब एक हजार भारतीय भाषाओं के प्रकाशक हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही
लगभग तीन हजार स्टॉल लगाए जाएंगे
30 देशों की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी होगी
भारत मंडपम का बड़ा हिस्सा प्रदर्शनी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अधिकारियों का कहना है कि यह मेला अब केवल किताबों की खरीद बिक्री तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक वैश्विक बौद्धिक और सांस्कृतिक मंच बन चुका है।
थीम भारतीय सेना के इतिहास पर केंद्रित
इस वर्ष विश्व पुस्तक मेले की थीम भारतीय सेना के इतिहास और योगदान पर आधारित रखी गई है। इसके तहत
थल सेना, नौसेना और वायु सेना से जुड़े प्रकाशन
सैन्य इतिहास पर चर्चा सत्र
रक्षा साहित्य की विशेष प्रदर्शनी
आयोजित की जाएगी। जानकारी के अनुसार, तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मेले में शामिल हो सकते हैं, जिससे इस थीम को विशेष महत्व मिल रहा है।
प्रधानमंत्री कर सकते हैं उद्घाटन
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व पुस्तक मेले का उद्घाटन कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक चर्चा में आ सकता है।
किन देशों की रहेगी खास मौजूदगी
इस साल
कतर को गेस्ट ऑफ ऑनर चुना गया है
स्पेन को फोकस कंट्री बनाया गया है
इसके अलावा रूस, जापान, अर्जेंटीना, पोलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, ईरान और लिथुआनिया सहित कई देशों के प्रकाशक और लेखक भाग लेंगे। साथ ही 11 देशों से विश्व पुस्तक मेलों के निदेशक भी दिल्ली पहुंचेंगे।
बच्चों और युवाओं के लिए क्या खास होगा
किडन एक्सप्रेस बाल मंडप
करीब 750 वर्ग मीटर क्षेत्र में बच्चों के लिए विशेष बाल मंडप तैयार किया जा रहा है, जहां
बाल साहित्य की प्रदर्शनी
कहानी लेखन और चित्रकला गतिविधियां
इंटरएक्टिव सत्र
आयोजित होंगे।
डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा
राष्ट्रीय ई पुस्तकालय के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से छह हजार से अधिक ई पुस्तकों को निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे युवा पाठकों को डिजिटल पढ़ने का अनुभव मिलेगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रहेंगे आकर्षण
मेले के दौरान
देश और विदेश के सांस्कृतिक कार्यक्रम
भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के बैंड की प्रस्तुतियां
आयोजित की जाएंगी, जो इस आयोजन को किताबों से आगे एक समग्र सांस्कृतिक उत्सव बनाती हैं।
एंट्री फ्री क्यों की गई
एनबीटी के निदेशक युवराज मलिक के अनुसार, अधिक से अधिक लोगों को पुस्तक मेले से जोड़ने के लिए यह निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि
पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना और हर उम्र के पाठकों के लिए मेला उपयोगी बनाना हमारी प्राथमिकता है
यह मेला क्यों मायने रखता है
छात्रों और शोधकर्ताओं को नई किताबों तक पहुंच
लेखकों और प्रकाशकों को पाठकों से सीधा संवाद
भारतीय भाषाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच
डिजिटल और प्रिंट ज्ञान का एक साथ अनुभव
विशेषज्ञों के अनुसार, मुफ्त प्रवेश से पहली बार आने वाले पाठकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।











