Farming innovation: Started business with 60 bee boxes, now earning lakhs: (मधुमक्खी पालन से कमाई) की शुरुआत अशोक शर्मा ने तब की जब खाड़ी देशों में 11 साल नौकरी करने के बाद उन्हें संतोषजनक सफलता नहीं मिली। निराश होकर वे अपने गांव सिंगरावट लौटे और पारंपरिक खेती शुरू की। लेकिन जब मुनाफा कम रहा, तो उन्होंने कुछ नया करने की ठानी। एक दोस्त की सलाह पर उन्होंने (Bee farming) की जानकारी जुटाई और उद्यान विभाग से प्रशिक्षण लिया।
सरकारी सब्सिडी योजना के तहत उन्होंने तीन दोस्तों के साथ मिलकर 60 मधुमक्खी बक्से खरीदे और खेत में (Beekeeping business) की शुरुआत की। शुरुआत में खुद मेहनत की, बक्सों की देखरेख की और जल्द ही शहद का अच्छा उत्पादन मिलने लगा।
खेती के साथ मधुमक्खी पालन से बढ़ी आय Farming innovation
अशोक ने पारंपरिक खेती को नकदी फसलों जैसे पपीता, लौकी और तोरी से जोड़ा। इससे मधुमक्खियों को पराग की निरंतर आपूर्ति मिली और (Honey production) में तेजी आई। उन्होंने बताया कि मधुमक्खी पालन से न सिर्फ शहद की मात्रा बढ़ी, बल्कि फसलों की पैदावार भी 30% तक बढ़ गई।
एक मधुमक्खी बॉक्स से सालाना ₹8,000 से ₹12,000 तक की आमदनी हो सकती है। यह कार्य अधिक तकनीकी नहीं है और थोड़ी मेहनत से कोई भी किसान इसे अपना सकता है। आज अशोक सालाना ₹15 लाख से अधिक की कमाई कर रहे हैं।
अब बना रहे हैं प्रेरणा का स्रोत
अशोक शर्मा अब सिर्फ खुद ही नहीं, बल्कि आस-पास के किसानों को भी (Beekeeping training India) दे रहे हैं। वे सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हैं और किसानों को मधुमक्खी पालन के लिए प्रेरित करते हैं। उनका मानना है कि यदि हर किसान खेती के साथ मधुमक्खी पालन को अपनाए, तो (Farming innovation) से गांवों में रोजगार और आय दोनों बढ़ सकती हैं।
उनका फसल चक्र ऐसा है कि हर मौसम में परागण बना रहता है, जिससे साल भर शहद उत्पादन संभव हो गया है। अशोक की कहानी आज हजारों किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।













