Ganga Water Haryana: Ganga water will come to Haryana, Delhi’s thirst will also be quenched, new hope!: गंगा जल हरियाणा (Ganga Water Haryana) लाने की योजना हरियाणा सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए गंगा नदी का पानी उत्तर प्रदेश से हरियाणा लाने के निर्देश दिए हैं। यह कदम हरियाणा और दिल्ली में बढ़ते जल संकट (Water Crisis) को हल करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर विवाद के बीच यह योजना न केवल हरियाणा के लोगों की प्यास बुझाएगी, बल्कि दिल्ली को भी राहत देगी। आइए, इस परियोजना की पूरी जानकारी समझते हैं।
गंगा जल की योजना: हरियाणा की नई उम्मीद Ganga Water Haryana
हरियाणा सरकार ने गंगा नदी का पानी उत्तर प्रदेश से लाने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को इस पर काम शुरू करने का आदेश दिया है।
एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के साथ मिलकर पानी लाने के रास्तों और चैनलों (Water Channels) पर विचार करेगी। कमेटी को एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इसके बाद गंगा-यमुना लिंक नहर (Ganga-Yamuna Link Canal) की संभावनाओं पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से बातचीत होगी। यह योजना गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे एनसीआर क्षेत्रों में पानी की कमी को दूर करेगी।
SYL विवाद और गंगा जल का महत्व
सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों के बावजूद पंजाब से SYL नहर के जरिए हरियाणा को पानी नहीं मिला। पंजाब का कहना है कि उसके पास पर्याप्त पानी नहीं है। इस विवाद के बीच हरियाणा ने गंगा जल पर ध्यान केंद्रित किया है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2022 में इस दिशा में पहल शुरू की थी।
अब नायब सैनी ने इसे गति दी है। उत्तर प्रदेश ने पांच संभावित चैनल स sugggested, जैसे खतौली का हिंडन बैरियर और मुरादनगर। यह परियोजना यमुना नदी पर निर्भरता (Yamuna Dependency) को कम करेगी और 2031 तक पूरी होने की उम्मीद है।
दिल्ली और हरियाणा को राहत: जल संकट का समाधान
गंगा जल हरियाणा (Ganga Water Haryana) लाने की योजना से न केवल हरियाणा, बल्कि दिल्ली में भी जल संकट (Water Crisis) कम होगा। सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को परियोजना की सभी बाधाओं की रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
गंगा का पानी यमुना में मिलाकर हरियाणा तक पहुंचाया जाएगा। यह योजना हरियाणा के लोगों को पीने का पानी (Drinking Water) सुनिश्चित करेगी। स्थानीय लोग इस पहल का स्वागत कर रहे हैं। यह परियोजना जल प्रबंधन (Water Management) में एक नया अध्याय शुरू कर सकती है।











