चंडीगढ़. हरियाणा में अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने का सपना देखने वाले मध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने ‘चिराग योजना’ (CHIRAG Scheme) का दायरा बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। अब तक केवल 1.80 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवार ही इस योजना का लाभ उठा पाते थे, लेकिन सरकार ने इस सीमा को बढ़ाकर 8 लाख रुपये वार्षिक कर दिया है।
प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने इस बदलाव को लेकर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश जारी कर दिए हैं। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिला प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल भी घोषित कर दिया गया है। गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने नियम 134-A को खत्म करके इस योजना की शुरुआत की थी।
15 फरवरी तक स्कूलों को देनी होगी जानकारी
शिक्षा विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए सख्त टाइमलाइन तय की है। विभाग ने मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों से 15 फरवरी तक सहमति मांगी है। स्कूल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी खाली सीटों का ब्योरा दर्ज करेंगे। इसके बाद, 10 मार्च से संबंधित स्कूल अपने नोटिस बोर्ड पर कक्षावार खाली सीटों की जानकारी प्रदर्शित करेंगे, ताकि अभिभावकों को स्थिति स्पष्ट रहे।
आवेदन और लकी ड्रा की तारीखें
अभिभावकों और छात्रों के लिए आवेदन की खिड़की 13 मार्च से खुलेगी, जो 23 मार्च तक जारी रहेगी। इस दौरान छात्र अपने ब्लॉक के मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में उपलब्ध सीटों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
यदि किसी स्कूल में निश्चित सीटों से ज्यादा आवेदन आते हैं, तो चयन ‘लकी ड्रा’ के माध्यम से होगा। यह ड्रा 1 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच अभिभावकों की मौजूदगी में निकाला जाएगा। चयनित छात्रों की एडमिशन प्रक्रिया 15 अप्रैल तक पूरी करनी होगी। इसके बाद भी अगर सीटें बचती हैं, तो 16 से 30 अप्रैल तक वेटिंग लिस्ट वाले छात्रों को मौका दिया जाएगा।
कौन उठा सकता है लाभ?
सरकार ने इस योजना के तहत कुछ शर्तें निर्धारित की हैं, जिनका पालन अनिवार्य है:
सरकारी स्कूल का छात्र: इस योजना के तहत केवल वे छात्र आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने पिछला शैक्षणिक सत्र सरकारी स्कूल से पास किया हो।
स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (SLC): दाखिला पक्का होने पर छात्र को अपने पुराने सरकारी स्कूल से एसएलसी लेकर जमा कराना होगा।
फैमिली आईडी: आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र (Family ID) अनिवार्य है। इसी के माध्यम से आय का सत्यापन किया जाएगा।
एक से अधिक आवेदन: छात्र एक से ज्यादा स्कूलों में भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें हर स्कूल से आवेदन की रसीद लेनी होगी।













