Haryana Employee Strike: Haryana Employee Strike: Electricity services will be disrupted on July 9!: हरियाणा कर्मचारी हड़ताल (Haryana Employee Strike) का ऐलान हो चुका है। ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर्स यूनियन ने 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है।
जींद में हुई बैठक में यूनियन ने पिछले 11 साल से अनसुनी मांगों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं। आइए, इस हड़ताल के कारण, मांगों और प्रभाव को समझें।
कर्मचारियों की अनसुनी मांगें Haryana Employee Strike
ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर्स यूनियन की बैठक में यूनिट प्रधान राकेश और राज्य प्रधान सुरेश राठी ने सरकार की नीतियों की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में एक भी मांग पूरी नहीं हुई। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने (Permanent Jobs), पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) बहाल करने, और निजीकरण (Privatization) पर रोक की मांग प्रमुख है।
कर्मचारियों को 250-300 किलोमीटर दूर नौकरी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यूनियन ने जिला-स्तरीय ड्यूटी की मांग की। यह कर्मचारियों और बिजली निगम दोनों के लिए फायदेमंद होगा।
सरकार पर निजीकरण का आरोप
यूनियन नेताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि सरकार विभागों को पूंजीपतियों को बेच रही है। श्रम सुधार कानून (Labor Reforms) में मजदूर विरोधी बदलाव किए जा रहे हैं। इससे शोषण बढ़ेगा।
बिजली निगम में हजारों पद खाली हैं।
स्थायी भर्ती (Permanent Recruitment) की मांग जोर पकड़ रही है। यूनियन ने आठवें वेतन आयोग (Eighth Pay Commission) के गठन की मांग भी उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार को जनता की सुविधा और महंगाई पर ध्यान देना चाहिए।
हड़ताल का प्रभाव और सलाह
हरियाणा कर्मचारी हड़ताल (Haryana Employee Strike) से बिजली सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। 9 जुलाई को होने वाली हड़ताल में किसान, मजदूर, और छात्र भी समर्थन दे सकते हैं।
यूनियन ने लोगों से सहयोग की अपील की है। नागरिकों को सलाह है कि वे बिजली से जुड़े जरूरी काम पहले निपटा लें। सरकार और यूनियन के बीच बातचीत से समाधान निकल सकता है। कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान देना जरूरी है। इससे न केवल कर्मचारी बल्कि जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी।











