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Haryana: हरियाणा सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार, 70 अधिकारियों पर गिरी गाज!

On: जून 11, 2025 11:51 पूर्वाह्न
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Haryana: हरियाणा सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार, 70 अधिकारियों पर गिरी गाज!
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Haryana Irrigation Department corruption 70 officials in trouble: हरियाणा सिंचाई विभाग भ्रष्टाचार (Haryana Irrigation Department Corruption) के खिलाफ राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने 70 अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और लापरवाही (Corruption and Negligence) के आरोप में चार्जशीट (Chargesheet Filed) की सिफारिश की है। इनमें जूनियर इंजीनियर (JE), सब-डिवीजनल ऑफिसर (SDO), और चीफ इंजीनियर जैसे बड़े पदों पर बैठे लोग शामिल हैं। यह कार्रवाई विभाग में व्याप्त अनियमितताओं को उजागर करती है। आखिर क्या है इस बड़े एक्शन की कहानी?

Haryana: निर्माण कार्यों में लापरवाही का खुलासा

सिंचाई विभाग में हाल ही में विभिन्न निर्माण स्थलों की जांच की गई। विभाग ने कंक्रीट के नमूने लिए, जो गुणवत्ता जांच (Quality Check Failure) में पूरी तरह फेल हो गए। जांच में पाया गया कि अधिकारियों ने निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी की। इससे न केवल सरकारी धन का नुकसान (Financial Loss) हुआ, बल्कि जनता के भरोसे को भी ठेस पहुंची। इस लापरवाही ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चार्जशीट और अनुशासनात्मक कार्रवाई

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सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों (Corruption Allegations) को गंभीरता से लिया। रूल-7 के तहत 70 अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार की गई। इनमें सात से आठ सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) और दो चीफ इंजीनियर भी शामिल हैं। अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) के तहत इन अधिकारियों को जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, अभी तक विभाग ने इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

चौंकाने वाले नतीजे

सॉलिड कंक्रीट के नमूनों की जांच के लिए सरकार ने एक विशेष समिति गठित की थी। इस समिति ने निर्माण स्थलों से सैंपल एकत्र किए और उनका परीक्षण किया। रिपोर्ट में सामने आया कि नमूने सभी मानकों पर खरे नहीं उतरे। यह न केवल तकनीकी खामी थी, बल्कि संभावित भ्रष्टाचार (Potential Corruption) का भी संकेत था। समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई शुरू हुई। हैरानी की बात यह है कि अधिकारियों ने इस नुकसान का कोई विश्लेषण तक नहीं किया।

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हरियाणा सिंचाई विभाग भ्रष्टाचार (Haryana Irrigation Department Corruption) की यह घटना केवल अधिकारियों की लापरवाही की कहानी नहीं है, बल्कि यह सिस्टम की खामियों को भी उजागर करती है। जनता के लिए सिंचाई विभाग का महत्व किसी से छिपा नहीं है।

ऐसे में गुणवत्ता से समझौता और वित्तीय नुकसान (Financial Loss) न केवल सरकार की छवि को धक्का पहुंचाता है, बल्कि किसानों और आम लोगों को भी प्रभावित करता है। सरकार का यह कड़ा रुख भविष्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक उम्मीद जगाता है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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