चंडीगढ़, 24 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। सूबे की नायब सैनी सरकार हरियाणा को उद्योगों का नया हब बनाने के लिए पुरानी नीतियों को पूरी तरह खत्म करने जा रही है। साल 2020 की पॉलिसी की कमियों को दूर करते हुए अब एक ऐसी नीति लाई जा रही है जो सीधे निवेश, रोजगार और आधुनिक टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी। इस नई पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी जाएगी। सरकार ने इस बार लक्ष्य बहुत बड़ा रखा है 5 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश और कम से कम 10 लाख नए रोजगार के अवसर।
स्थानीय युवाओं और महिलाओं को नौकरी देने पर मोटी सब्सिडी
नई नीति का सबसे बड़ा लाभ हरियाणा के मूल निवासियों को मिलेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब MSME के बजाय बड़े और मेगा उद्योगों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाली कंपनियों को अब 36 से 48 हजार के बजाय सीधे 1 लाख रुपये सालाना की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। अगर कोई कंपनी स्थानीय महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC) या दिव्यांगों को नौकरी देती है, तो यह राशि बढ़कर 1.2 लाख रुपये सालाना हो जाएगी। जिन कंपनियों में 25% से ज्यादा कर्मचारी हरियाणा के होंगे, उन्हें सरकार अतिरिक्त सब्सिडी और लाभ भी देगी।
पेटेंट कराने पर मिलेंगे 1 करोड़
हरियाणा सरकार प्रदेश में इनोवेशन और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए खजाना खोलने को तैयार है। नई पॉलिसी के तहत रिसर्च सेंटर बनाने पर 50% तक की सब्सिडी का प्रावधान है। लार्ज इंडस्ट्री को 10 करोड़ और मेगा या अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स को 50 करोड़ रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अलावा, अगर कोई कंपनी नेशनल लेवल का पेटेंट कराती है तो उसे 50 लाख रुपये और इंटरनेशनल पेटेंट होने पर 1 करोड़ रुपये का नकद इनाम राज्य सरकार की ओर से दिया जाएगा। ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी और डिफेंस जैसे 9 प्राथमिक सेक्टर्स को 5% अतिरिक्त सब्सिडी भी मिलेगी।
प्रदर्शन आधारित लाभ और सिंगल विंडो सिस्टम
इस बार की पॉलिसी की खासियत यह है कि कंपनियों को लाभ केवल निवेश के वादे पर नहीं, बल्कि उनके वास्तविक प्रदर्शन (Performance) के आधार पर मिलेगा। जो कंपनियां निर्धारित समय से पहले काम शुरू करेंगी, उन्हें ज्यादा सब्सिडी मिलेगी, जबकि देरी करने वाली कंपनियों की सब्सिडी में कटौती की जाएगी। उद्योगों की स्थापना को आसान बनाने के लिए एक ‘सिंगल विंडो पोर्टल’ तैयार किया जाएगा, जहां ऑनलाइन आवेदन से लेकर समयबद्ध मंजूरी तक की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। स्टांप ड्यूटी में भी क्षेत्र के अनुसार 30% से लेकर 100% तक की छूट देने की योजना है।
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