Haryana unmanned toll Tax will be deducted without stopping at Dwarka Expressway in Gurugram: हरियाणा मानव रहित टोल (Haryana unmanned toll) ने गुरुग्राम में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। द्वारका एक्सप्रेसवे पर बना यह टोल प्लाजा बिना कर्मचारियों के काम करता है। 50 मीटर की दूरी से ही फास्टैग के जरिए टोल टैक्स अपने आप कट जाएगा। 9,000 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सड़क पर गुरुवार से एक नई टनल का ट्रायल भी शुरू होगा। यह हरियाणा का दूसरा मानव रहित टोल है, जो समय और ट्रैफिक की बचत करेगा। आइए, इस आधुनिक तकनीक और सड़क की खासियतों को विस्तार से जानते हैं।
Haryana unmanned toll Tax: मानव रहित टोल की अनोखी तकनीक
हरियाणा मानव रहित टोल (Haryana unmanned toll) में एडवांस टोल मैनेजमेंट सिस्टम (advanced toll system) का उपयोग किया गया है। पारंपरिक बूम बैरियर की जगह मॉडर्न सेंसर युक्त बैरियर लगाए गए हैं। जैसे ही वाहन 50 मीटर की रेंज में आएगा, फास्टैग से टैक्स अपने आप कट जाएगा। हाई रेजोल्यूशन कैमरे और सेंसर हर लेन में लगे हैं। यह सिस्टम पूरी तरह स्वचालित है, जिससे टोल वसूली में पारदर्शिता (transparency in toll collection) और तेजी आएगी। भविष्य में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली (automatic number plate recognition) से गाड़ियों की यूनिक आईडी बनेगी, और टैक्स सीधे बैंक खाते से कटेगा।
द्वारका एक्सप्रेसवे की विशेषताएं
द्वारका एक्सप्रेसवे, जिसे उत्तरी परिधीय सड़क (Northern Peripheral Road) भी कहते हैं, 29 किलोमीटर लंबा है। यह दिल्ली के महिपालपुर को गुरुग्राम के खेड़की दौला टोल से जोड़ता है। इसमें 18.9 किमी हरियाणा और 10.1 किमी दिल्ली में है। 9,000 करोड़ की लागत से बनी इस सड़क में 75% हिस्सा एलिवेटेड है। यह भारत का पहला 8-लेन शहरी एलिवेटेड एक्सप्रेसवे (elevated expressway) है। सिंगल पिलर पर बने 19 किमी फ्लाईओवर से जमीन की बचत हुई है। इसके अलावा 3.6 किमी लंबी 8-लेन टनल (longest tunnel) इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंच प्रदान करती है।
टनल और ट्रायल रन की शुरुआत
गुरुग्राम-दिल्ली बॉर्डर पर बजघेड़ा में बने इस टोल प्लाजा के साथ ही एक नई टनल का ट्रायल रन गुरुवार से शुरू होगा। यह टनल हवाई अड्डे से द्वारका सेक्टर-21 तक सीधी कनेक्टिविटी देगी। यह भारत की सबसे लंबी और चौड़ी टनल है, जो ब्लास्ट-प्रूफ (blast-proof tunnel) तकनीक से बनी है। इस टनल से हवाई अड्डे तक का सफर तेज और सुरक्षित होगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इसे समय पर पूरा करने के लिए कई चुनौतियों का सामना किया।
ट्रैफिक और समय की बचत
द्वारका एक्सप्रेसवे दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे (NH-48) पर ट्रैफिक को 30-50% तक कम करेगा। यह वैकल्पिक मार्ग (alternate route) प्रदान करता है, जिससे दिल्ली के महिपालपुर से खेड़की दौला तक का सफर आसान होगा। द्वारका से मानेसर 15 मिनट और मानेसर से हवाई अड्डे तक 20 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। 20 से ज्यादा फ्लाईओवर, दो रेल ओवरब्रिज, 11 वाहन अंडरपास और 20 भूमिगत पैदल क्रॉसिंग यात्रा को सुगम बनाते हैं। 2.5 मीटर चौड़ा साइकिल पथ (cycle path) भी पर्यावरण के अनुकूल है।
आर्थिक और सामाजिक लाभ
द्वारका एक्सप्रेसवे हरियाणा और दिल्ली के लिए आर्थिक गलियारा (economic corridor) साबित होगा। न्यू पालम विहार, गुरुग्राम के सेक्टर 104, 106 और 109 में आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। प्रॉपर्टी की मांग और कीमतें बढ़ेंगी। मानेसर और सोहना जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी (improved connectivity) बेहतर होगी। इससे रोजगार के नए अवसर (job opportunities) पैदा होंगे। यह सड़क दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख सड़कों से जुड़कर क्षेत्रीय विकास को गति देगी।
पुराने टोल सिस्टम की समस्याएं
पारंपरिक टोल बूथ पर कर्मचारियों की तैनाती और मैनुअल स्कैनिंग से समय लगता था। कई बार फास्टैग स्कैन नहीं होता, जिससे जाम लगता था। बिना फास्टैग वाली गाड़ियां टोल चुकाए बिना निकल जाती थीं। हरियाणा मानव रहित टोल (Haryana unmanned toll) इन समस्याओं को खत्म करेगा। सेंसर और कैमरे हर गाड़ी पर नजर रखेंगे। कंट्रोल रूम में इंजीनियर तकनीकी खामियों को तुरंत ठीक करेंगे। शुरुआत में एक-दो लेन कैश के लिए रखी गई हैं, लेकिन जल्द ही पूरी तरह स्वचालित सिस्टम लागू होगा।
FASTag जरूर लगवाएं
यात्रियों को सलाह है कि अपने वाहन में फास्टैग (FASTag) जरूर लगवाएं। फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस रखें ताकि टोल कटने में दिक्कत न हो। टनल और एक्सप्रेसवे पर गति सीमा का पालन करें। साइकिल पथ का उपयोग करने वाले सावधानी बरतें। NHAI की वेबसाइट पर टोल शुल्क (toll charges) और अपडेट चेक करते रहें। ये छोटे कदम आपके सफर को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगे। हरियाणा मानव रहित टोल (Haryana unmanned toll) के साथ एक नया युग शुरू हो रहा है।













