Immigration fraud Cheating in Chandigarh by showing dreams of going abroad! Rs 150 crore looted, 200+ cases registered: पिछले साल 1 जुलाई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत तीन नए कानून लागू होने के बाद शहर में विदेश भेजने के नाम पर इमिग्रेशन फ्रॉड के मामलों में कई गुणा इजाफा हुआ है। बीएनएस लागू होने के बाद से शहर के अलग-अलग थानों में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के 200 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं।
Immigration fraud: लोगों से 150 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी
इन मामलों में लोगों से 150 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की गई। शहरभर में 500 से अधिक फर्जी इमिग्रेशन फर्मे चल रही हैं, जो विदेश जाने का सपना देखने वाले बेरोजगार युवाओं को लाखों का चूना लगा रही हैं। यूटी पुलिस के रिकॉर्ड में 411 इमिग्रेशन कंपनियां ही रजिस्टर्ड हैं।
जबकि 500 से अधिक कंपनियां अवैध तरीके से बिना परमिशन के चल रही हैं। वर्ष 2024 में पुलिस ने 42 ऐसी फर्मों की पहचान की थी, जो इमिग्रेशन फ्रॉड में शामिल रहीं। इनमें से अधिकतर कंपनियां सेक्टर-17, 34, 34ए, 7, 8, 9 और सेक्टर-40 में हैं। वर्ष 2023 में धोखाधड़ी करने वाली 33 और वर्ष 2022 में केवल 7 कपंनियों की ही पहचान की गई थी।
यूटी पुलिस ने पिछले 1 साल में 100 से अधिक फर्मों पर रेड कर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। यह वे फर्मों थीं जिनके पास प्रशासन की ओर से इमिग्रेशन कंपनी चलाने के लिए दी जाने वाली परमिशन या परमिट नहीं था।
वर्ष 2022 में पुलिस ने बिना परमिट के इमिग्रेशन कंपनी चलाने पर आईपीसी की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा वैध रूप से प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा) के तहत 72 फर्मों पर 11 केस दर्ज किए थे।
वर्ष 2023 में 20 फर्मों के खिलाफ 16 मामले दर्ज किए गए। बीएनएस कानून लागू होने से पहले 30 जून 2024 तक पुलिस ने 9 फमों के खिलाफ 9 मामले दर्ज किए थे। 1 जुलाई से जून 2025 तक 30 से अधिक फर्मों के खिलाफ 40 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
पहले के ज्यादातर मामले आईपीसी में ही दर्ज हुए
30 जून, 2024 तक पुलिस द्वारा विदेश भेजने की धोखाधड़ी के मामले आईपीसी की धारा 420, 406, 467, 468, 471 सहित अन्य में केस दर्ज किए जा रहे थे। 1 जुलाई, 2024 के बाद से बीएनएस लागू हो गया। पुलिस ने 116 इमिग्रेशन कंपनियों 40 करोड़ की ठगी के खिलाफ 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2024 तक कुल 190 मामले दर्ज किए गए। बीएनएस के नियमानुसार 1 जुलाई के बाद दर्ज किए गए यह सारे मामले आईपीसी की धाराओं में ही दर्ज किए गए, क्योंकि ये शिकायतें बीएनएस लागू होने से पहले की थीं।
तीन साल से पेंडिंग थी 2300 शिकायतें
हाईकोर्ट में गया मामला तो तेजी दिखाई बीएनएस कानून लागू होने के बाद शहर में सबसे अधिक मामले इमिग्रेशन फ्रॉड के ही दर्ज किए गए। क्योंकि चंडीगढ़ पुलिस के थानों-चौकियों में 3-4 सालों से इमिग्रेशन फ्रॉड थीं। पेंडिंग शिकायतों को लेकर हाईकोर्ट में से संबंधित शिकायतें फाइलों में धूल फांक रही याचिका दायर हुई तो सामने आया कि चंडीगढ़ पुलिस की करीब 2300 शिकायतें पेंडिंग हैं। ऐसे में पुलिस को हाईकोर्ट में पेंडिंग शिकायतों पर कार्रवाई करने की स्टेटस रिपोर्ट देनी पड़ी, तो बीएनएस लागू होने के बाद पुलिस ने धड़ाधड़ इमिग्रेशन फ्रॉड के मामले दर्ज किए।













