Indian Railways luggage penalty: Habit of carrying more luggage in train? Railways will now charge 6 times the fine!: नई दिल्ली | अगर आप ट्रेन में ढेर सारा सामान लेकर सफर करने के आदी हैं, तो सावधान हो जाइए! भारतीय रेलवे अब ओवरलोडेड सामान ले जाने वालों पर सख्ती करने जा रहा है।
ट्रॉली बैग, अनाज की बोरियां, बड़े बक्से या घरेलू सामान के साथ ट्रेन में चढ़ने वालों पर अब भारी जुर्माना लगेगा। रेलवे ने तय किया है कि फ्री लगेज अलाउंस से ज्यादा सामान ले जाने वालों को लगेज बुकिंग चार्ज का 6 गुना तक जुर्माना देना होगा। आइए जानते हैं कि रेलवे के नए नियम क्या हैं और ये आपकी जेब पर कैसे असर डाल सकते हैं।
एसी कोच में अनाज, स्लीपर में फर्नीचर! Indian Railways luggage penalty
रेल यात्रा अब पहले जैसी सुविधाजनक नहीं रही। कई यात्री 2-3 बड़े ट्रॉली बैग, अनाज की बोरियां, फर्नीचर, एलईडी टीवी, बर्तन और यहां तक कि दुकानों का सामान भी ट्रेन में ले आते हैं। इससे न सिर्फ बाकी यात्रियों को परेशानी होती है, बल्कि ट्रेन में जगह की कमी और सुरक्षा को लेकर भी बड़ा खतरा पैदा हो जाता है। रेलवे अब इस मनमानी पर लगाम लगाने के लिए तैयार है।
रेलवे के लगेज नियम क्या हैं?
रेलवे हर यात्री को उसके टिकट क्लास के हिसाब से मुफ्त लगेज अलाउंस देता है। ये नियम कुछ इस तरह हैं:
AC फर्स्ट क्लास: 70 किलो तक
AC 2-टियर/3-टियर: 40-50 किलो
स्लीपर क्लास: 40 किलो
सेकेंड क्लास: 35 किलो
इसके अलावा कुछ किलो का मार्जिनल अलाउंस भी मिलता है। अगर आपका सामान इससे ज्यादा है, तो उसे ब्रेक-वैन में भेजने के लिए पहले से बुकिंग कराना जरूरी है। बिना बुकिंग के ज्यादा सामान ले जाना अब महंगा पड़ेगा!
नियम तोड़ा तो क्या होगा?
अगर चेकिंग के दौरान आप बिना बुकिंग के ज्यादा सामान ले जाते पकड़े गए, तो आपको लगेज चार्ज का 6 गुना तक जुर्माना देना होगा। इतना ही नहीं, कई मामलों में आपका सामान ट्रेन से उतारा भी जा सकता है। रेलवे अब इस मामले में कोई ढील देने के मूड में नहीं है।
लोगों की मनमानी से बाकियों की मुश्किल
ट्रेन में अक्सर देखा जाता है कि कुछ यात्री भारी-भरकम बैग, गैस चूल्हा, सिलेंडर, इलेक्ट्रॉनिक्स, अनाज की बोरियां और यहां तक कि व्यावसायिक सामान लेकर चढ़ जाते हैं। इससे न सिर्फ जगह की कमी हो जाती है, बल्कि रास्ते तक ब्लॉक हो जाते हैं। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को इससे भारी दिक्कत होती है। रेलवे का कहना है कि ऐसी हरकतें ट्रेन को मालगाड़ी बना देती हैं।
सामान चोरी या खराब हुआ तो?
अगर आपका बुक किया हुआ सामान चोरी हो जाता है या खराब हो जाता है, तो रेलवे 100 रुपये प्रति किलो तक मुआवजा देता है, बशर्ते आपने सामान का मूल्य पहले से घोषित न किया हो। अगर आपने मूल्य घोषित कर चार्ज भरा है, तो पूरी लागत का मुआवजा भी मिल सकता है।
रेलवे की अपील: सफर को बनाएं सुहाना
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे तय नियमों का पालन करें। सामान को पहले से बुक कराएं, फ्री अलाउंस का ध्यान रखें और ट्रेन को मालभाड़ा न बनाएं। ऐसा करने से न सिर्फ आपका सफर सुहाना होगा, बल्कि बाकी यात्रियों को भी कोई परेशानी नहीं होगी। तो अगली बार ट्रेन में चढ़ने से पहले अपने सामान का वजन जरूर चेक करें!













