International Trade Fair: इंटरनेशनल ट्रेड फेयर 2025 में हरियाणा पवेलियन ने स्वच्छ मंडप श्रेणी में गोल्ड मेडल जीता। AI ताऊ, हरियाणवी संस्कृति और इनोवेटिव डिस्प्ले ने पवेलियन को मेले का सबसे बड़ा आकर्षण बना दिया।
दिल्ली में आयोजित 44वें इंटरनेशनल ट्रेड फेयर 2025 में इस बार हरियाणा ने ऐसा रंग जमाया कि आयोजक भी प्रभावित हुए बिना नहीं रहे। भारत मंडपम (प्रगति मैदान) में लगे इस मेले में हरियाणा पवेलियन को ‘स्वच्छ मंडप’ श्रेणी में गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि न सिर्फ राज्य की क्रिएटिविटी का प्रमाण है बल्कि बताती है कि हरियाणा अब तकनीक, संस्कृति और नवाचार का एक सशक्त संयोजन बन रहा है।
हरियाणा पवेलियन की खासियत: संस्कृति, टेक्नोलॉजी और क्लीन थीम का अनोखा संगम International Trade Fair
14 से 27 नवंबर तक चले मेले में हरियाणा का पवेलियन लगातार चर्चा में रहा।
यहां आने वाले लोगों को एक साथ कई अनुभव मिले—
हरियाणवी कला और परंपराएं
राज्य के विकास की झलक
स्मार्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
और सबसे खास… AI ताऊ
पवेलियन के निदेशक अनिल चौधरी ने बताया कि इस बार उन्हें स्वच्छता और विजुअल प्रेजेंटेशन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश था, और टीम ने इसे बखूबी निभाया। परिणामस्वरूप, साफ-सुथरे लेआउट, लगातार मेंटेनेंस और इंटरएक्टिव डिस्प्ले की वजह से हरियाणा को गोल्ड मेडल मिला।
AI ताऊ: मेले का सबसे बड़ा मनोरंजक स्टार
इस बार जो चीज सोशल मीडिया पर भी सबसे ज्यादा वायरल रही, वह थी—AI ताऊ।
AI तकनीक से बनाया गया यह डिजिटल ताऊ हरियाणवी अंदाज़ में बातें कर लोगों को राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में मजेदार तरीके से जानकारी देता था।
बटन दबाते ही ताऊ “जिंदा” हो उठता
मजाकिया अंदाज में स्वागत करता
सरकारी योजनाओं को आसान भाषा में समझाता
और हरियाणवी ठेठ ह्यूमर से लोगों को हंसा देता
मेले में आए कई लोग AI ताऊ के साथ सेल्फी लेकर तुरंत सोशल मीडिया पर डाल रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक से गवर्नेंस कम्युनिकेशन आसान और दिलचस्प बन सकता है।
डिजिटल इनोवेशन विशेषज्ञ डॉ. राघव मित्तल कहते हैं,
“AI ताऊ जैसा मॉडल सरकारी योजनाओं की जागरूकता बढ़ाने का एक नया, प्रभावी और मनोरंजक तरीका है। इससे अन्य राज्यों को भी प्रेरणा मिलेगी।”
‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ थीम ने बनाया पवेलियन को खास
हरियाणा पवेलियन का डिजाइन इस बार विशेष रूप से एक भारत–श्रेष्ठ भारत की भावना को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था।
यहां दर्शाए गए प्रमुख आकर्षण थे—
सूरजकुंड मेला, जो भारतीय हस्तशिल्प और लोककला का अंतरराष्ट्रीय केंद्र है
गीता जयंती का सुंदर प्रदर्शन, जिसमें कुरुक्षेत्र की आध्यात्मिक विरासत को दिखाया गया
इन सबके बीच लोगों ने पारंपरिक झूलों, कलाकृतियों, मिनी-एक्सपो और लाइव डेमो का खूब आनंद लिया।
क्यों अहम है यह गोल्ड मेडल?
इस सम्मान के कई मायने हैं—
यह हरियाणा के बढ़ते तकनीकी और सांस्कृतिक आत्मविश्वास को दर्शाता है
राज्य की बढ़ती ब्रांड वैल्यू को मजबूत करता है
भविष्य में बड़े निवेश और टूरिज़्म अवसरों को बढ़ावा देता है
और सबसे बढ़कर, यह बताता है कि हरियाणा सिर्फ कृषि नहीं, बल्कि नवाचार का केंद्र भी बन रहा है













