IRCTC South India Tour: Visit pilgrimage places in 13 days, know fare and schedule!: IRCTC दक्षिण भारत यात्रा (IRCTC South India Tour) के साथ श्रद्धालु अब दक्षिण भारत के पवित्र तीर्थ स्थलों की सैर आसानी से कर सकेंगे।
भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) ने एक शानदार भारत गौरव ट्रेन पैकेज शुरू किया है, जो 28 जुलाई को पठानकोट कैंट से रवाना होगी। यह 12 रात और 13 दिन की यात्रा 9 अगस्त को समाप्त होगी। यह पैकेज आध्यात्मिक अनुभव के साथ किफायती और आरामदायक यात्रा का अनूठा अवसर देता है। आइए, इस खास यात्रा के बारे में विस्तार से जानें।
प्रमुख तीर्थ स्थलों का दर्शन IRCTC South India Tour
IRCTC की यह भारत गौरव ट्रेन (Bharat Gaurav Train) श्रद्धालुओं को दक्षिण भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों जैसे तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरै, कन्याकुमारी और मल्लिकार्जुन के दर्शन कराएगी।
यह ट्रेन पठानकोट कैंट से शुरू होकर जालंधर सिटी, लुधियाना, चंडीगढ़, अंबाला कैंट (Ambala Cantt), कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, हजरत निजामुद्दीन, मथुरा, आगरा कैंट और ग्वालियर जैसे स्टेशनों पर बोर्डिंग की सुविधा देगी। यह यात्रा धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) को बढ़ावा देने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को एक सुगम और यादगार अनुभव प्रदान करेगी।
किफायती किराया और शानदार सुविधाएं
इस यात्रा का किराया हर बजट के लिए उपयुक्त है। स्लीपर क्लास (Sleeper Class) का किराया 30,135 रुपये, 3AC स्टैंडर्ड का 43,370 रुपये और 2AC कम्फर्ट का 57,470 रुपये निर्धारित किया गया है। यात्रियों को डबल या ट्रिपल शेयरिंग पर इकोनॉमी क्लास में नॉन-एसी और स्टैंडर्ड व कम्फर्ट क्लास में एसी आवास (AC Accommodation) मिलेगा।
इसके अलावा, शाकाहारी भोजन (Vegetarian Food), जिसमें चाय, नाश्ता, दोपहर और रात का खाना शामिल है, यात्रा के दौरान उपलब्ध होगा। स्थानीय दर्शन के लिए एसी और नॉन-एसी बसें, एस्कॉर्ट टीम, सफाई, सुरक्षा और पैरामेडिकल स्टाफ की सुविधा भी दी जाएगी।
बुकिंग और यात्रा की तैयारी
IRCTC दक्षिण भारत यात्रा (IRCTC South India Tour) में शामिल होने के लिए श्रद्धालु IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट, चंडीगढ़ कार्यालय या अधिकृत एजेंटों के माध्यम से टिकट बुक कर सकते हैं। यह पैकेज धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव चाहने वालों के लिए एक सुनहरा अवसर है।
ट्रेन और सड़क मार्ग के जरिए यात्रा को सुगम बनाया गया है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के तीर्थ स्थलों के दर्शन कर सकें। यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि दक्षिण भारत की संस्कृति और सुंदरता को करीब से देखने का मौका भी देती है।













