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ITR Filing 2025: वेतनभोगियों के लिए खुशखबरी, नया ITR-1 फॉर्म बनाएगा टैक्स दाखिल करना आसान

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ITR Filing 2025: वेतनभोगियों के लिए खुशखबरी, नया ITR-1 फॉर्म बनाएगा टैक्स दाखिल करना आसान
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ITR Filing 2025 Good news for salaried people, new ITR-1 form will make tax filing easier: वेतनभोगी करदाताओं के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग अब पहले से कहीं ज्यादा आसान होने जा रही है। इनकम टैक्स विभाग ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए नए ITR-1 (सहज) और ITR-4 (सुगम) फॉर्म्स को अधिसूचित कर दिया है, जो छोटे निवेशकों और वेतनभोगियों के लिए राहत भरे बदलाव लाए हैं।

खास तौर पर, अब 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ (LTCG) वाले वेतनभोगी ITR-1 फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे टैक्स फाइलिंग का बोझ काफी कम होगा। आइए, इन नए बदलावों को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि यह आपके लिए कैसे फायदेमंद है।

नया ITR-1 फॉर्म: वेतनभोगियों के लिए राहत

पहले, अगर किसी वेतनभोगी की इक्विटी शेयरों या म्यूचुअल फंड्स से लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ (LTCG) के जरिए आय होती थी, तो उन्हें ITR-2 फॉर्म दाखिल करना पड़ता था, भले ही यह आय टैक्स-मुक्त हो। लेकिन अब इनकम टैक्स विभाग ने ITR-1 फॉर्म में एक नया सेग्मेंट जोड़ा है, जो 1.25 लाख रुपये तक के टैक्स-मुक्त LTCG की रिपोर्टिंग को आसान बनाता है।

इस सेग्मेंट का नाम है: “आय जिस पर कोई टैक्स देय नहीं है, सेक्शन 112A के तहत लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ।” इसका मतलब है कि अगर आपकी आय वेतन, एक मकान की संपत्ति, ब्याज, या 5,000 रुपये तक की कृषि आय से है और आपकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है, तो आप अब ITR-1 का इस्तेमाल कर सकते हैं, बशर्ते आपका LTCG 1.25 लाख रुपये से कम हो। यह बदलाव छोटे निवेशकों और वेतनभोगियों के लिए टैक्स अनुपालन को सरल बनाएगा।

ITR Filing 2025: लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ की नई सीमा

इस साल के बजट में सरकार ने टैक्स-मुक्त लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये कर दिया है। यह बदलाव उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो इक्विटी शेयरों, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स, या बिजनेस ट्रस्ट्स में निवेश करते हैं।

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अगर आपका LTCG इस सीमा के भीतर है, तो आपको न केवल टैक्स नहीं देना होगा, बल्कि अब आप ITR-1 जैसे सरल फॉर्म का उपयोग भी कर सकते हैं। यह छोटे निवेशकों को निवेश के प्रति प्रोत्साहित करने और टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

किन मामलों में ITR-1 का उपयोग नहीं होगा?

हालांकि नया ITR-1 फॉर्म कई वेतनभोगियों के लिए राहत लेकर आया है, लेकिन यह सभी के लिए लागू नहीं है। अगर आपके पास निम्नलिखित में से कोई भी स्थिति है, तो आपको ITR-2 या अन्य फॉर्म्स का उपयोग करना होगा:

शॉर्ट टर्म पूंजीगत लाभ (STCG) की आय

अचल संपत्ति से लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ

सेक्शन 112A के तहत LTCG पर टैक्स देय होना

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पूंजीगत नुकसान को आगे ले जाना या लाना

इन मामलों में, आपको अपनी आय के आधार पर सही फॉर्म चुनना होगा, ताकि टैक्स नियमों का पालन हो सके।

ITR-4 फॉर्म: छोटे व्यवसायियों के लिए सुविधा

ITR-4 (सुगम) फॉर्म उन रेजिडेंट व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF), और फर्मों (LLP को छोड़कर) के लिए है, जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है और जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से आती है। यह फॉर्म उन लोगों के लिए उपयुक्त है, जो धारा 44AD, 44ADA, या 44AE के तहत अनुमानित कर योजना का लाभ उठाते हैं।

इसके अलावा, 1.25 लाख रुपये तक के LTCG वाले करदाता भी अब ITR-4 का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, अगर आप किसी कंपनी के डायरेक्टर हैं, गैर-लिस्टेड शेयरों में निवेश करते हैं, विदेशी संपत्ति या आय रखते हैं, या आपकी कृषि आय 5,000 रुपये से अधिक है, तो ITR-4 आपके लिए नहीं है।

टैक्स फाइलिंग की शुरुआत जल्द

इनकम टैक्स विभाग ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ITR फाइलिंग की प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की घोषणा की है। करदाता इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल के जरिए ऑनलाइन या ऑफलाइन रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। यह जरूरी है कि आप अपनी आय के स्रोतों और वित्तीय प्रोफाइल के आधार पर सही फॉर्म चुनें।

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गलत फॉर्म चुनने से टैक्स नोटिस या अन्य समस्याएं हो सकती हैं। अगर आपको फॉर्म चुनने में उलझन हो रही है, तो किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स सलाहकार की मदद लेना बेहतर होगा।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

नए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म्स का उद्देश्य टैक्स अनुपालन को सरल और सभी के लिए सुलभ बनाना है। खासकर वेतनभोगी और छोटे निवेशक, जो इक्विटी या म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते हैं, अब कम जटिल प्रक्रिया के साथ अपना रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। सरकार का यह कदम न केवल समय और मेहनत बचाएगा, बल्कि टैक्स नियमों का पालन करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित भी करेगा।

समय पर करें ITR फाइलिंग

नए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म्स के साथ, वेतनभोगियों और छोटे करदाताओं के लिए टैक्स फाइलिंग अब पहले से ज्यादा आसान हो गई है। 1.25 लाख रुपये तक के टैक्स-मुक्त लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ की सुविधा और सरल फॉर्म्स इस प्रक्रिया को और सुविधाजनक बनाते हैं। अपने दस्तावेज तैयार रखें, सही फॉर्म चुनें, और समय पर अपनी ITR फाइलिंग पूरी करें।

भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

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