अंबाला रेल मंडल ने उन लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की शुरुआत की है जो रोजाना जनरल टिकट लेकर सफर करते हैं। अब 29 प्रमुख और छोटे रेलवे स्टेशनों पर कुल 46 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें (एटीवीएम) लगाई गई हैं। इन मशीनों से यात्रियों को लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
रोजाना डेढ़ लाख यात्री प्रभावित होते थे
अंबाला मंडल के इन 29 स्टेशनों से प्रतिदिन करीब 1.5 लाख यात्री अनारक्षित कोच में यात्रा करते हैं। सुबह और शाम के समय टिकट काउंटर पर भारी भीड़ लगती थी। त्योहारी सीजन में तो कई घंटे लाइन में लगने के बाद भी ट्रेन छूट जाती थी।
इस वजह से कुछ यात्री बिना टिकट ट्रेन में चढ़ जाते थे, जिसके बाद उन्हें भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता था।
एटीवीएम से यात्रा कितनी आसान हुई
ये मशीनें कैश, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और UPI के जरिए भुगतान स्वीकार करती हैं। स्क्रीन पर स्टेशन का नाम, ट्रेन नंबर, क्लास और गंतव्य चुनने के बाद कुछ ही सेकंड में टिकट प्रिंट हो जाता है।
मशीन के पास ही बड़े पोस्टर लगाए गए हैं जिनमें स्टेप-बाय-स्टेप तरीका बताया गया है। पहली बार इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को कोई दिक्कत न हो, इसलिए मशीन के पास रेलवे के कर्मचारी भी तैनात किए जा रहे हैं।
इन स्टेशनों पर उपलब्ध हैं मशीनें
- अंबाला कैंट और बठिंडा — 5-5 मशीनें
- सहारनपुर — 4 मशीनें
- चंडीगढ़ — 3 मशीनें
- कालका, सरहिंद, आनंदपुर साहिब, अबोहर — 2-2 मशीनें
- यमुनानगर-जगाधरी, अंबाला सिटी, राजपुरा, पटियाला, ऊना, शिमला सहित बाकी स्टेशनों पर 1-1 मशीन
रेलवे का यह कदम क्यों महत्वपूर्ण है
रेल मंत्रालय ने पिछले तीन साल में पूरे देश में एटीवीएम की संख्या को तेजी से बढ़ाया है। अंबाला मंडल का यह प्रयास उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वरिष्ठ रेलवे अधिकारी एनके झा ने बताया कि इन मशीनों से न केवल यात्रियों का समय बचता है बल्कि काउंटर पर भीड़ कम होने से कर्मचारियों का काम भी आसान हो गया है।
आगे क्या होने वाला है
रेलवे का प्लान है कि अगले कुछ महीनों में मंडल के बाकी स्टेशनों पर भी एटीवीएम लगाई जाएंगी। साथ ही मौजूदा मशीनों की संख्या बढ़ाने और 24 घंटे मेंटेनेंस सुनिश्चित करने पर भी काम चल रहा है।
अब आम यात्री को त्योहारों और रोजमर्रा की यात्रा में कम से कम परेशानी होगी।












