Mumbai-Nagpur Samruddhi Expressway 701 km journey now in 8 hours, open to public from today: भारत के विकास की रफ्तार को नई गति देने के लिए देशभर में आधुनिक एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से हो रहा है। इस कड़ी में महाराष्ट्र को एक ऐतिहासिक तोहफा मिला है, जहां मुंबई और नागपुर को जोड़ने वाला समृद्धि एक्सप्रेसवे आज से आम जनता के लिए पूरी तरह खुल गया है।
हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग के नाम से जाना जाने वाला यह एक्सप्रेसवे 701 किलोमीटर लंबा है और इसे 55 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह न केवल दो प्रमुख शहरों को जोड़ेगा, बल्कि यात्रा के समय को आधा कर देगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसके अंतिम चरण (इगतपुरी से ठाणे) का उद्घाटन किया, जिससे यह परियोजना अब पूर्ण रूप से जनता को समर्पित हो चुकी है।
समृद्धि एक्सप्रेसवे की खासियत इसे देश के सबसे उन्नत सड़क मार्गों में से एक बनाती है। इस 6-लेन एक्सप्रेसवे को 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे मुंबई और नागपुर के बीच का 16 घंटे का सफर अब सिर्फ 8 घंटे में पूरा होगा।
इस मार्ग पर 65 पुल, 24 इंटरचेंज, 6 सुरंगें और 400 से अधिक अंडरपास बनाए गए हैं। युद्ध जैसी आपात स्थिति में इस एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल लड़ाकू विमानों के लिए रनवे के रूप में भी किया जा सकता है। सुरक्षा के लिए हर 5 किमी पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो तेज गति और लेन अनुशासन के उल्लंघन पर नजर रखेंगे।
यह एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र के 10 जिलों नागपुर, वर्धा, अमरावती, वाशीम, बुलढाना, जालना, छत्रपति संभाजीनगर, नासिक, अहमदनगर और ठाणे को जोड़ता है। इसके अलावा, भिवंडी, कल्याण, शिरडी, कोपरगांव और जालना जैसे महत्वपूर्ण शहर भी इससे सीधे जुड़ गए हैं।
यह मार्ग न केवल यात्रियों के लिए समय और सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा। समृद्धि एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र के विकास की नई कहानी लिखने के लिए तैयार है।













