रेलवे ने हरिहर एक्सप्रेस के रद्द होने के बाद एक नई ट्रेन सेवा की शुरुआत कर दी है, जिससे पंजाब और हरियाणा से बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। ट्रेन 12 दिसंबर से नियमित रूप से चलेगी और इसमें कुल 22 कोच लगाए गए हैं।
नई ट्रेन क्यों महत्वपूर्ण है
हर सर्दियों में कोहरे के कारण कई लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द या देर से चलती हैं। इस बार हरिहर एक्सप्रेस की रद्दीकरण से हज़ारों यात्रियों को परेशानी हुई।
ऐसे में रेलवे का यह कदम बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पंजाब में काम करने वाले मजदूरों, छात्रों और प्रवासी परिवारों के लिए राहत लेकर आया है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस रूट पर लगातार बढ़ती भीड़ और पहले चलाए गए ट्रायल स्पेशल ट्रेन के सफल परिणाम के बाद ही इसे नियमित सेवा में बदलने का निर्णय लिया गया।
ट्रेन का संचालन कब और कैसे होगा
छपरा से अमृतसर के लिए (15135)
शुरुआत: 12 दिसंबर
हर शुक्रवार सुबह 10:15 बजे प्रस्थान
अगले दिन दोपहर 1:05 बजे अमृतसर पहुंचना
अमृतसर से वापसी (15136)
पहली यात्रा: 13 दिसंबर
शनिवार 5:45 शाम प्रस्थान
अगले दिन रात 11:55 बजे छपरा पहुंचना
किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
यह ट्रेन यात्रियों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए लगभग सभी प्रमुख शहरों पर रुकेगी।
महत्वपूर्ण ठहराव:
सीवान
गोरखपुर
बस्ती
बरेली
मुरादाबाद
सहारनपुर
अंबाला
जालंधर सिटी
ब्यास
और कई अन्य
कोच व्यवस्था
ट्रेन में 22 डिब्बे हैं
1 एसएलआर
4 जनरल कोच
शेष एसी और स्लीपर वर्ग के कोच
यात्रियों को क्या फायदा होगा
क्यों जरूरी थी यह ट्रेन
कोरोना काल के बाद से प्रवासी श्रमिकों का पलायन लगातार बढ़ा है
हरिहर एक्सप्रेस के रद्द होने से भीड़ बढ़ी
आम्रपाली एक्सप्रेस पर दबाव लगातार बढ़ रहा था
एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने बताया
नई ट्रेन शुरू होने से आम्रपाली एक्सप्रेस पर बोझ कम होगा और अंबाला कैंट से सफर करने वालों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
पहले भी हुआ था परीक्षण
अमृतसर से छपरा के बीच पहले एक विशेष ट्रेन चलाई गई थी, जिसमें यात्रियों की भारी भीड़ दर्ज की गई।
अधिकारी एनके झा (वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल) ने बताया
“ट्रायल सफल रहा और यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब इसे नियमित सेवा बनाने का फैसला किया गया है। यह प्रवासी मजदूरों के लिए बड़ा राहत कदम है।”
आगे क्या
रेलवे इस ट्रेन की मांग और बुकिंग स्थिति के आधार पर
अतिरिक्त कोच जोड़ने
या आवृत्ति बढ़ाने
पर भी विचार कर सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह रूट भविष्य में और भी अहम बन सकता है क्योंकि पंजाब और हरियाणा में बिहार और पूर्वी यूपी के कामगारों की संख्या सबसे ज्यादा है।













