Panchkula Cyber Fraud: Mayor duped of ₹42 lakhs, web of conspiracy deepens!: Cyber Fraud Network Panchkula 2025 की सबसे बड़ी कार्रवाई में पंचकूला पुलिस ने 12 राज्यों में फैले साइबर ठगों के नेटवर्क को तोड़ने में सफलता हासिल की है।
मेयर से 42 लाख की ठगी के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से रिमांड के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं (Cyber Fraud Investigation Haryana)। यह मामला साइबर क्राइम थाना पंचकूला में 27 जून को दर्ज किया गया था।
DCP की प्रेस वार्ता में सामने आया पूरा मामला Panchkula Cyber Fraud
DCP क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों और लेटरहेड के ज़रिए ठगी करता था (Fake Documents Cyber Fraud)। पीड़ित मेयर के बेटे को संदिग्ध लेन-देन की सूचना एक मैसेज द्वारा मिली, जिसके बाद जांच में 42.52 लाख की धोखाधड़ी सामने आई। पुलिस की फुर्ती से 32 लाख रुपये ब्लॉक करवा दिए गए थे, जिन्हें जल्द पीड़ित को वापस किया जाएगा।
DCP ने इस सफलता का श्रेय साइबर SHO युद्धवीर सिंह, जांच अधिकारी एएसआई बृजेश सिंह और सिपाही सुनील को दिया, जिन्होंने इस मामले को तेजी से सुलझाया (Cyber Crime SHO Panchkula)।
गिरफ्तारी से उजागर हुआ पूरे गिरोह का नेटवर्क
पहली गिरफ्तारी 5 जुलाई को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से हुई। सलाउद्दीन अंसारी और श्याम दयाल को पुलिस रिमांड पर लिया गया। इसके बाद 18 जुलाई को देवव्रत को पकड़ा गया, जिसे 25 जुलाई तक रिमांड पर रखा गया। फिर 23 जुलाई को बिहार से तीन मुख्य आरोपी—राहुल कुमार उर्फ बंटी, आलोक कुमार उर्फ बंटू और प्रतीक राज उर्फ अंकित—को भी हिरासत में लिया गया (Cyber Scam Arrests July 2025)।
यह गिरोह तकनीकी तरीके से बैंक खातों का उपयोग करता था और दस्तावेजों को फर्जी बनाकर कंपनियों से करोड़ों ऐंठता था (Inter-State Fraud Gang India)।
साइबर अपराध को खत्म करने की दिशा में बड़ी सफलता
पुलिस की इस कार्रवाई ने उन ठगों का नेटवर्क उजागर किया जो भारत के 12 राज्यों में फैला हुआ था (Cyber Fraud Network Panchkula 2025)। पंचकूला पुलिस की सक्रियता ने समय पर कार्रवाई की और भारी रकम को ब्लॉक कर पीड़ित को राहत दी।
इस प्रकरण से साफ है कि साइबर अपराध को रोकने में हरियाणा पुलिस की तकनीकी दक्षता और तत्परता देशभर में मिसाल बन रही है।











