Private bus complaints Rohtak, रोहतक न्यूज : भले ही प्राइवेट बस संचालक रोडवेज बस स्टैंड से बसें चलाकर मुनाफा कमाते हों, लेकिन वह रोडवेज की तरफ से जारी सभी नियमों का पालन नहीं करते। रियायती पास तक नहीं मानते और इसका विरोध पर यात्रियों के साथ अभद्रता करते हैं। इसकी कुछ यात्री लिखित शिकायत करते हैं तो मौखिक रुप से अफसरों को बताकर भी यात्री अपने गंतव्य पर निकल जाते हैं। इसके बावजूद प्राइवेट बसों के खिलाफ सख्ती नहीं है।
महज नियमों की पालना के आदेश जारी करके खानापूर्ति कर दी जाती है। इसमें यात्रियों की तरफ से लिखित शिकायतों के बाद सीएम विंडो तक भी शिकायतें की जाती हैं, लेकिन कार्रवाई की रफ्तार मानो थमी हुई है। यही नहीं विभाग की तरफ से 3 माह पहले भी आदेश जारी करके रियायती पास मानने के अलावा यात्रियों से अच्छा व्यवहार करने की हिदायत दी गई थी।
इसमें बस संचालकों को 3 माह तक परमिट निलंबित करने की चेतावनी दी गई, लेकिन इसकी अवधि भी दो दिन पहले बीत चुकी है। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि अब बसों के दरवाजे पर ही लिखा जाने लगा है कि कोई भी पास या स्टाफ मान्य नहीं है। ऐसी काफी बसें रोडवेज बस स्टैंड से ही दौड़ रही हैं। जिससे यात्रियों को दर्शाया गया है कि अगर प्राइवेट बस में सफर करना है तो किराया देना।
निरीक्षक बोले- यात्रियों की तरफ से बस से उतारने और शिकायतें आती हैं
रोडवेज विभाग के निरीक्षक सुमेर सिवाच ने बताया कि प्रतिदिन एक या दो शिकायतें यात्रियों की तरफ से लिखकर दी जाती हैं। इसके अलावा 4 से 5 शिकायतें मौखिक तौर पर की जाती हैं। इसमें छात्र-छात्राओं से किराया लेने के अलावा 60 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों से किराया लेने के मामले सबसे अधिक होते हैं।
यात्रियों की तरफ से रियायती पास नहीं माने की शिकायतें की जाती है। साथ ही, यात्रियों की तरफ से जबरदस्ती बस से उतारने, अभद्रता करने और मारपीट पर उतारू हो जाने के भी आरोप लगाए जाते हैं। जबकि नियमों के अनुसार प्राइवेट बसों को सभी रियायती पास मानने के लिए कई बार आदेश जारी हो चुके हैं।
ये हैं बसों में दी जाने वाली मुख्य सुविधाएं
• 60 साल से अधिक आयु के महिला और पुरुष को किराए में 50 प्रतिशत छूट।
• एक माह से लेकर एक साल का पास की सुविधा।
• दिव्यांगों को मुफ्त यात्रा थैलेसीमिया और कैंसर के मरीज के साथ एक-एक व्यक्ति को फ्री यात्रा।
• अंधे व्यक्ति के साथ एक व्यक्ति को फ्री यात्रा।
• अर्जुन अवॉर्डी को मुफ्त यात्रा।
• स्वतंत्रता सेनानी को मुफ्त यात्रा।
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छात्र-छात्राओं का बस पास मान्य
प्राइवेट बस संचालक योगेश कादियान ने बताया की प्राइवेट बसों का संचालन आरटीए के अधीन है । उसी के हिसाब से बसों की फिटनेस आदि का पालन किया जाता है, इसलिए रोडवेज के भी सारे नियम मानने के लिए बाध्य नहीं हैं। मासिक पास के तहत रोडवेज एडवांस किराया लेता है तो फिर प्राइवेट बस में उसे फ्री में सफर कराने का कोई सवाल ही नहीं है।
आरटीए के सह सचिव मनीष मदान के अनुसार प्राइवेट बसों को परमिट की शर्त के अनुसार सभी नियम मानने होंगे। सभी रियायती पास मान होंगे। ऐसा नहीं करने के वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी बस संचालकों को आदेश जारी किया गया है।













