Woman becomes victim of online fraud in Chandigarh Fraud of Rs 11 lakh, two cyber thugs arrested: चंडीगढ़ में ऑनलाइन नौकरी का लालच देकर साइबर अपराधियों ने एक महिला से 11 लाख रुपये की ठगी कर ली। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता ने चंडीगढ़ साइबर सेल में शिकायत दर्ज की। साइबर सेल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को मोहाली से गिरफ्तार किया।
Chandigarh में ऑनलाइन ठगी का शिकार हुई महिला
जांच में पता चला कि इन ठगों का जाल न केवल चंडीगढ़ तक सीमित है, बल्कि कई अन्य राज्यों में भी फैला हुआ है। यह घटना डिजिटल युग में सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती है, ताकि लोग इस तरह की धोखाधड़ी से बच सकें।
चंडीगढ़ साइबर सेल की इंस्पेक्टर इरम रिजवी के नेतृत्व में पुलिस ने मोहाली के नया गांव निवासी सनी और विजय कुमार को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों का ठिकाना हाउस नंबर 1361, सिंगा देवी, नया गांव, मोहाली में है। पीड़िता स्निग्धा रेड्डी, जो सेक्टर 11-बी की रहने वाली हैं, ने बताया कि उन्हें वॉट्सऐप पर एक अनजान नंबर से नौकरी का प्रस्ताव मिला।
शुरुआत में छोटे-छोटे टास्क जैसे वीडियो पर लाइक करने के लिए कहा गया। ठगों ने पहले 1000 रुपये निवेश पर 1300 रुपये लौटाकर उनका भरोसा जीता। इसके बाद पीड़िता को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया और धीरे-धीरे उनसे भारी रकम की मांग की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह एक सुनियोजित साइबर ठगी का मामला है। आरोपी सनी ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसके बैंक खाते में 50 हजार रुपये का लेन-देन ट्रेस हुआ। उसने बताया कि वह कमीशन के लिए बैंक खाते खुलवाता था, और विजय कुमार ने उसे इस ठगी के नेटवर्क से जोड़ा था।
दोनों ने स्वीकार किया कि इस धोखाधड़ी में और भी लोग शामिल हैं, जिनका नेटवर्क कई राज्यों में फैला है। यह खुलासा साइबर अपराधियों के संगठित तरीके को दर्शाता है, जो लोगों की मेहनत की कमाई को चंद मिनटों में लूट लेते हैं।
यह घटना आम लोगों के लिए एक चेतावनी है। साइबर ठग अक्सर आकर्षक नौकरी के ऑफर के जरिए लोगों को फंसाते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी ऑनलाइन जॉब ऑफर की सत्यता की जांच करें। असली कंपनियां कभी भी नौकरी के लिए पंजीकरण या प्रशिक्षण के नाम पर पैसे नहीं मांगतीं।
वॉट्सऐप या टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर आने वाले अनजान ऑफर से सावधान रहें। इसके अलावा, कंपनी की वैधता को उनकी आधिकारिक वेबसाइट या लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म पर जांचें। अपनी निजी जानकारी जैसे आधार, पैन या बैंक विवरण कभी भी अनजान लोगों के साथ साझा न करें। साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।













