ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Yamunanagar News: सर्दियों में हथिनियों का मेन्यू बदला, अब मिलेगी बाजरे की खिचड़ी और च्यवनप्राश

On: November 30, 2025 6:11 PM
Follow Us:
Yamunanagar News: सर्दियों में हथिनियों का मेन्यू बदला, अब मिलेगी बाजरे की खिचड़ी और च्यवनप्राश
Join WhatsApp Group

Yamunanagar News: यमुनानगर के हाथी पुनर्वास केंद्र में दिसंबर से हथिनियों की सर्दियों की डाइट शुरू हो गई है। अब उन्हें बाजरे की खिचड़ी, तिल का तेल, मूंगफली, गुड़-चना और च्यवनप्राश दिया जाएगा। जानें क्यों जरूरी है यह मौसमी बदलाव और कैसे होती है हथिनियों की खास देखभाल।

यमुनानगर के छछरौली क्षेत्र में स्थित चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र, बणसंतौर में दिसंबर की शुरुआत के साथ ही हथिनियों की डाइट बदल दी गई है। केंद्र में मौजूद चार हथिनियां—चंचल, लिली, लक्ष्मी वन और लक्ष्मी टू अब सर्दियों के अनुकूल विशेष पोषक आहार पर रहेंगी। यह बदलाव हर साल ठंड बढ़ते ही किया जाता है और लगभग चार महीनों तक जारी रहता है।

सर्दी में क्यों बदलती है हथिनियों की डाइट?

हाथियों का शरीर बड़ा, ऊर्जा की जरूरतें अधिक और ठंड में उनकी त्वचा जल्दी ड्राई हो जाती है। इसी वजह से सर्दियों के दौरान उनके भोजन में ऐसी चीजें शामिल की जाती हैं जो शरीर में गर्माहट, पोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं।

केंद्र के कर्मचारियों के अनुसार, इस बार शामिल किए गए प्रमुख खाद्य पदार्थ हैं:

बाजरे की खिचड़ी – शरीर को लंबे समय तक गर्म रखती है

तिल का तेल – त्वचा और जोड़ों के लिए लाभदायक

मूंगफली, गुड़-चना – हाई-एनर्जी फूड

च्यवनप्राश – इम्युनिटी बढ़ाने के लिए

मात्र ₹50 में 5 लाख का बीमा! हरियाणा सरकार ने व्यापारियों के लिए शुरू की बड़ी योजना
मात्र ₹50 में 5 लाख का बीमा! हरियाणा सरकार ने व्यापारियों के लिए शुरू की बड़ी योजना

गन्ना, मौसमी फल और हरा चारा – प्राकृतिक फाइबर और विटामिन का स्रोत

वाइल्डलाइफ विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड के महीनों में बड़े जानवरों को ऊर्जा संतुलन बनाए रखने के लिए भारी और गर्माहट देने वाले खाद्य पदार्थों की आवश्यकता होती है। बाजरा और गुड़ जैसे तत्व हाथियों के लिए बेहद उपयोगी माने जाते हैं।

हथिनियों की स्किनकेयर और फुट केयर भी बढ़ाया गया

ठंड में हथिनियों की त्वचा रूखी न हो, इसके लिए तिल और सरसों के तेल से नियमित मालिश की जाती है।

महावत (केयरटेकर) उनके पैरों की भी विशेष देखभाल करते हैं, क्योंकि भारी वजन के कारण अक्सर पैरों पर अधिक दबाव पड़ता है।

सप्ताह में दो बार नाखूनों की सफाई और ट्रिमिंग

पैरों में जमी मिट्टी की गहरी सफाई

फुट क्रैक रोकने के लिए तेल मालिश

विशेषज्ञ मानते हैं कि हाथी के स्वास्थ्य का आधा हिस्सा उसके पैरों की स्थिति पर निर्भर करता है।

सावधान! क्या आपका AC भी बन सकता है बम? विवेक विहार हादसे के बाद डराने वाली रिपोर्ट
सावधान! क्या आपका AC भी बन सकता है बम? विवेक विहार हादसे के बाद डराने वाली रिपोर्ट

2008 से चल रहा हाथियों का सुरक्षित घर

यह पुनर्वास केंद्र 2008 में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से 50 एकड़ क्षेत्र में स्थापित किया गया था। इसका उद्देश्य उन हाथियों को सुरक्षित वातावरण देना था जिन्हें गलत तरीके से रखा गया था या अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा था।

यहां मौजूद हथिनियों का इतिहास भी अनोखा है:

लक्ष्मी व चंचल – बिना परमिट पकड़ी गईं, जिन्हें यहां शिफ्ट किया गया

लिली – सिरसा चुनाव के दौरान जुलूस से जब्त कर लाई गई

लक्ष्मी टू – दिल्ली सरकार के माध्यम से भेजी गई

केंद्र में वर्तमान में चारों हथिनियों की देखभाल वाइल्डलाइफ एसओएस, देश की प्रमुख पशु संरक्षण संस्था, की निगरानी में होती है, जो भारत के कई राज्यों में ऐसे पुनर्वास केंद्र संचालित कर रही है।

भारत में हाथी वन्यजीव संरक्षण का अहम हिस्सा हैं, लेकिन कैद या देखभाल केंद्रों में रहने वाले हाथियों को विशेष प्रबंधन की आवश्यकता होती है।
सही समय पर डाइट परिवर्तन:

बीमारियों की आशंका कम करता है

चंडीगढ़ के पूर्व सैनिकों की हुई मौज! अब हाउस टैक्स में मिलेगी 100% की पूरी छूट
चंडीगढ़ के पूर्व सैनिकों की हुई मौज! अब हाउस टैक्स में मिलेगी 100% की पूरी छूट

त्वचा और जोड़ों को स्वस्थ रखता है

ऊर्जा स्तर संतुलित रखता है

व्यवहार और मूवमेंट पर सकारात्मक असर डालता है

वन विभाग के निरीक्षक लीलू राम का कहना है कि, “सर्दी को देखते हुए डाइट में बदलाव अनिवार्य है। हर हथिनी के लिए एक महावत तैनात है ताकि देखभाल में कोई कमी न रहे।”

राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now