ICICI Prudential Asset Management Company के आईपीओ को शेयर बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इश्यू खुलने के पहले ही दिन करीब 73 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया है। साथ ही अनलिस्टेड बाजार में इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम तेजी से बढ़ा है, जिससे निवेशकों के बीच चर्चा और उत्साह दोनों बढ़े हैं।
यह आईपीओ 12 दिसंबर को खुला था और 16 दिसंबर तक निवेश के लिए उपलब्ध रहेगा।
ग्रे मार्केट से क्या संकेत मिल रहे हैं
बाजार पर नजर रखने वाली रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को इस आईपीओ का GMP लगभग 255 रुपये दर्ज किया गया। जानकारों के अनुसार, यह संकेत देता है कि लिस्टिंग के समय शेयर की कीमत इश्यू प्राइस से ऊपर रह सकती है।
पिछले कुछ दिनों में GMP में करीब 100 रुपये से अधिक की बढ़त देखी गई है। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि संस्थागत निवेशक इस इश्यू को लेकर आशावादी हैं, हालांकि ग्रे मार्केट के आंकड़े केवल संकेत होते हैं और आधिकारिक नहीं माने जाते।
सब्सक्रिप्शन का पूरा हाल
पहले दिन के आंकड़ों के अनुसार अलग अलग निवेशक वर्गों से इस तरह प्रतिक्रिया मिली है
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स लगभग 2 गुना
रिटेल निवेशक करीब 0.2 गुना
नॉन इंस्टीट्यूशनल निवेशक लगभग 0.4 गुना
विशेषज्ञ मानते हैं कि शुरुआती दिनों में अक्सर रिटेल निवेशक अंतिम समय का इंतजार करते हैं, जबकि बड़े संस्थान पहले ही दिन हिस्सा ले लेते हैं।
इश्यू साइज और शेयर बिक्री की जानकारी
ICICI Prudential AMC का यह आईपीओ करीब 10,600 करोड़ रुपये का है। इसके तहत लगभग 4.9 करोड़ शेयर बाजार में लाए जा रहे हैं। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल है, यानी इससे मिलने वाली राशि कंपनी के बजाय मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी।
प्राइस बैंड और निवेश की न्यूनतम राशि
इस आईपीओ का प्राइस बैंड 2061 रुपये से 2165 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। एक लॉट में 6 शेयर रखे गए हैं। यानी खुदरा निवेशकों को न्यूनतम निवेश के लिए करीब 13 हजार रुपये की जरूरत होगी।
यह एक मेनबोर्ड आईपीओ है और इसकी लिस्टिंग बीएसई और एनएसई दोनों पर होने की संभावना है।
कंपनी का बैकग्राउंड क्यों अहम है
ICICI Prudential AMC की शुरुआत 1993 में हुई थी और यह देश की प्रमुख म्यूचुअल फंड कंपनियों में शामिल है। कंपनी का मजबूत ब्रांड, लंबा ट्रैक रिकॉर्ड और बढ़ता निवेशक आधार इसके पक्ष में जाता है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का आकार लगातार बढ़ रहा है और लंबी अवधि में एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के लिए अवसर बने रह सकते हैं।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
इस आईपीओ को लेकर शुरुआती संकेत सकारात्मक हैं, लेकिन अंतिम फैसला निवेशकों को अपने जोखिम प्रोफाइल और वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर करना चाहिए। आने वाले दिनों में सब्सक्रिप्शन के आंकड़े और बाजार की धारणा इसकी दिशा को और स्पष्ट करेंगे।













