Smriti Mandhana century innings created history in the tri-series final, became the third highest century-scoring batsman: महिला क्रिकेट में भारत की सितारा बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने एक और कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है। 11 मई 2025 को श्रीलंका के खिलाफ ट्राई सीरीज फाइनल में मंधाना ने शानदार शतक जड़कर इतिहास रच दिया। यह उनके वनडे करियर का 11वां शतक था, जिसने उन्हें विश्व की तीसरी सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली महिला बल्लेबाज बना दिया। भारत, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली गई इस सीरीज में मंधाना की बल्लेबाजी ने हर किसी का दिल जीत लिया। आइए, उनकी इस उपलब्धि और मैच की कहानी को करीब से जानें।
Smriti Mandhana शतक के साथ रिकॉर्ड्स की झड़ी
स्मृति मंधाना ने श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 92 गेंदों में 12 चौके और 2 छक्कों की मदद से शतक पूरा किया। इस शानदार पारी ने उन्हें भारत की सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने वाली बल्लेबाज के रूप में और मजबूत किया। वैश्विक स्तर पर, वह अब 11 शतकों के साथ ऑस्ट्रेलिया की मैग लेनिंग (15 शतक) और न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स (13 शतक) के बाद तीसरे स्थान पर हैं। मंधाना ने इंग्लैंड की टॉमी ब्यूमोंट (10 शतक) को पीछे छोड़कर यह मुकाम हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व की बात है, बल्कि विश्व क्रिकेट में भी उनकी धाक को दर्शाती है।
मंधाना की शतकीय धमाकेदार पारी
मैच में मंधाना की बल्लेबाजी देखने लायक थी। पारी की शुरुआत में उन्होंने संयम के साथ बल्लेबाजी की और क्रीज पर जमने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उनकी तकनीक, शॉट्स का चयन और आत्मविश्वास ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंधाना ने प्रतिका रावल के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए मजबूत साझेदारी की, जिसने भारत को ठोस शुरुआत दी। इसके बाद हरलीन देओल के साथ उनकी पार्टनरशिप ने पारी को और मजबूती दी। मंधाना 101 गेंदों में 116 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन तब तक भारत को मजबूत स्थिति में ला चुकी थीं।
फाइनल में दबदबा
मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। मंधाना की शतकीय पारी ने टीम को बड़े स्कोर की ओर अग्रसर किया। खबर लिखे जाने तक भारत ने 39 ओवर में 3 विकेट खोकर 240 रन बना लिए थे। मंधाना की पारी ने न केवल भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि श्रीलंका के सामने एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य भी रखा। भारतीय टीम इस फाइनल में पूरी तरह हावी नजर आ रही थी, और मंधाना की बल्लेबाजी इसकी सबसे बड़ी वजह थी।
मंधाना का अगला लक्ष्य
स्मृति मंधाना की नजरें अब मैग लेनिंग और सूजी बेट्स को पीछे छोड़ने पर होंगी। 11 शतकों के साथ वह पहले ही विश्व क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ चुकी हैं, लेकिन उनकी फॉर्म और जुझारूपन को देखते हुए लगता है कि वह जल्द ही और बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करेंगी। फैंस को उम्मीद है कि मंधाना इस फॉर्म को भविष्य के मैचों में भी बरकरार रखेंगी और भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।
स्मृति मंधाना की यह उपलब्धि हर भारतीय के लिए गर्व का पल है। उनकी मेहनत, समर्पण और खेल के प्रति जुनून युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा है। ट्राई सीरीज फाइनल में उनका शतक न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की ताकत का भी प्रतीक है। यह पारी लंबे समय तक फैंस के दिलों में बसी रहेगी। बॉर्डर 2 जैसी देशभक्ति फिल्मों की तरह, मंधाना की यह पारी भी देश को गौरवान्वित करने वाली है।












